राजनीति पर क्यों मौन रहते हैं भारतीय सितारे? सनी लियोनी ने किया खुलासा यहाँ चीजें मुश्किल हो जाती हैं, लोग बुरा मान जाते हैं

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News India Live, Digital Desk: बॉलीवुड अभिनेत्री सनी लियोनी ने भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के एक बड़े 'डर' से पर्दा उठाया है। हाल ही में दिए गए एक इंटरव्यू में सनी ने बताया कि भारतीय कलाकार राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर खुलकर बोलने से क्यों कतराते हैं। सनी के अनुसार, भारत में किसी भी मुद्दे पर अपनी राय रखना "दोधारी तलवार" पर चलने जैसा है, जहाँ एक गलत शब्द आपके करियर और मानसिक शांति को खतरे में डाल सकता है।

"बोलना मतलब विवादों को न्योता देना"

सनी लियोनी ने इस मुद्दे पर अपनी बेबाक राय रखते हुए कहा, "भारत में लोग बहुत जल्दी आहत (Offended) हो जाते हैं। अगर कोई कलाकार किसी राजनीतिक विषय पर अपनी राय रखता है, तो उसे केवल एक राय की तरह नहीं लिया जाता। चीजें बहुत जल्दी व्यक्तिगत और मुश्किल हो जाती हैं।" उन्होंने आगे जोड़ा कि सेलेब्स को अक्सर अपनी सुरक्षा और अपने काम के भविष्य की चिंता सताती है, जिसके कारण वे तटस्थ रहना ही बेहतर समझते हैं।

पश्चिमी देशों और भारत में बड़ा अंतर

सनी, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी काम किया है, ने बताया कि पश्चिम (हॉलीवुड) और भारत के माहौल में जमीन-आसमान का अंतर है।

हॉलीवुड का ट्रेंड: वहां कलाकार चुनावी प्रचार और राजनीतिक विचारधाराओं पर मुखर रहते हैं और इससे उनके काम पर कोई खास असर नहीं पड़ता।

बॉलीवुड की हकीकत: भारत में किसी विशेष दल या विचारधारा का समर्थन करने पर अभिनेता को सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग, बायकॉट (Boycott) और कभी-कभी तो कानूनी पेचीदगियों का भी सामना करना पड़ता है।

सेंसरशिप और बायकॉट कल्चर का खौफ

पिछले कुछ वर्षों में बॉलीवुड ने 'बायकॉट ट्रेंड्स' का जमकर सामना किया है। सनी लियोनी ने संकेत दिया कि जब करोड़ों रुपये का निवेश किसी फिल्म में होता है, तो निर्माता और कलाकार नहीं चाहते कि उनके किसी बयान की वजह से पूरी टीम का नुकसान हो। यही वजह है कि अधिकांश सितारे केवल अपनी फिल्मों के प्रमोशन तक ही सीमित रहते हैं और विवादित सवालों पर मुस्कुराकर निकल जाते हैं।

सोशल मीडिया बनी सबसे बड़ी चुनौती?

सनी का मानना है कि सोशल मीडिया ने अभिव्यक्ति की आजादी के साथ-साथ 'ट्रोलिंग' को भी बढ़ावा दिया है। एक छोटा सा वीडियो क्लिप भी संदर्भ से हटकर वायरल कर दिया जाता है, जिससे बेवजह का विवाद खड़ा हो जाता है। ऐसे में 'मौन' ही सबसे सुरक्षित हथियार बन जाता है।