India Fighter Jets : 114 राफेल जेट और 3.60 लाख करोड़ की मंजूरी क्यों इसे कहा जा रहा है मदर ऑफ ऑल डिफेंस डील्स?
News India Live, Digital Desk : भारतीय वायुसेना (IAF) की ताकत में अब तक का सबसे बड़ा इजाफा होने जा रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने 114 मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) की खरीद को हरी झंडी दे दी है। इस मेगा डील को रक्षा गलियारों में 'मदर ऑफ ऑल डिफेंस डील्स' कहा जा रहा है। आखिर यह डील इतनी खास क्यों है और इससे भारत की सामरिक स्थिति कैसे बदलेगी? आइए विस्तार से समझते हैं।
1. क्यों है यह 'मदर ऑफ ऑल डिफेंस डील्स'?
यह सौदा केवल इसकी भारी-भरकम कीमत के कारण ही 'मदर डील' नहीं है, बल्कि इसके साथ जुड़ी शर्तों और तकनीक के कारण भी है:
विशाल बजट: 114 जेट्स की इस पूरी प्रक्रिया और अन्य रक्षा उपकरणों को मिलाकर कुल ₹3.60 लाख करोड़ के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है।
'मेक इन इंडिया' पर जोर: पहले 18 विमान सीधे फ्रांस से 'फ्लाइ-अवे' स्थिति में आएंगे, जबकि बाकी 96 विमानों का निर्माण भारत में ही किया जाएगा। यह स्वदेशी रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम होगा।
तकनीक का हस्तांतरण (ToT): इस डील के तहत भारत को उन्नत विमानन तकनीक प्राप्त होगी, जिससे भविष्य के स्वदेशी फाइटर जेट्स (जैसे AMCA) के विकास में मदद मिलेगी।
2. वायुसेना के लिए क्यों जरूरी है यह सौदा?
भारतीय वायुसेना वर्तमान में लड़ाकू विमानों की कमी (Squadron Strength) से जूझ रही है।
स्क्वाड्रन की संख्या: वायुसेना के पास स्वीकृत 42 स्क्वाड्रन के मुकाबले फिलहाल बहुत कम स्क्वाड्रन बचे हैं। मिग-21 जैसे पुराने विमान रिटायर हो रहे हैं।
दो मोर्चों पर चुनौती: चीन और पाकिस्तान की बढ़ती हवाई ताकत का मुकाबला करने के लिए वायुसेना को कम से कम 114 आधुनिक विमानों की तत्काल आवश्यकता है।
राफेल की ताकत: 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान राफेल ने अपनी मारक क्षमता पहले ही साबित कर दी है। इसकी मेट्योर (Meteor) और स्कैल्प (SCALP) मिसाइलें दुश्मन के इलाके में घुसे बिना ही उसे तबाह करने में सक्षम हैं।
3. 'मदर डील' में और क्या-क्या है शामिल?
सिर्फ राफेल ही नहीं, DAC ने भारत की तीनों सेनाओं के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है:
S-400 मिसाइलें: भंडार भरने के लिए रूस से 288 नई मिसाइलों की खरीद।
P-8I निगरानी विमान: नौसेना के लिए समुद्र में चीन की पनडुब्बियों पर नजर रखने के लिए और अधिक टोही विमान।
टैंकों का आधुनिकीकरण: सेना के पुराने T-72 और BMP-II वाहनों के ओवरहाल और अपग्रेडेशन को मंजूरी।
4. चीन और पाकिस्तान पर मनोवैज्ञानिक बढ़त
इस डील के पूरा होने के बाद भारत की हवाई सीमाएं पूरी तरह अभेद्य हो जाएंगी। 114 नए राफेल मिलने के बाद भारतीय वायुसेना के पास लगभग 150 राफेल विमानों का बेड़ा होगा, जो दक्षिण एशिया में किसी भी अन्य देश की तुलना में कहीं अधिक शक्तिशाली और आधुनिक होगा।