Vitamin D Myth : सुबह की गुनगुनी धूप से मिलता है विटामिन-D? न्यूट्रिशनिस्ट ने तोड़ा बरसों पुराना भ्रम, जानें क्या है सच

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News India Live, Digital Desk : हम बचपन से सुनते आ रहे हैं कि सुबह-सुबह सूरज की रोशनी में बैठने से शरीर को भरपूर विटामिन-D मिलता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह पूरी तरह सच नहीं है? हाल ही में पोषण विशेषज्ञों (Nutritionists) ने इस धारणा को एक 'मिथक' करार दिया है। अगर आप भी सुबह की हल्की धूप के भरोसे अपनी हड्डियों को मजबूत मान रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए चौंकाने वाली हो सकती है।

सुबह की धूप क्यों नहीं है काफी?

न्यूट्रिशनिस्ट के अनुसार, विटामिन-D के संश्लेषण (Synthesis) के लिए सूर्य की UVB किरणों की आवश्यकता होती है।

समय का खेल: सुबह की शुरुआती धूप (Sunrise के समय) में UVB किरणें बहुत कम होती हैं और UVA किरणें अधिक होती हैं, जो त्वचा के लिए हानिकारक हो सकती हैं लेकिन विटामिन-D बनाने में मदद नहीं करतीं।

असली वक्त: विशेषज्ञों का मानना है कि विटामिन-D के लिए सबसे प्रभावी समय सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच का होता है, जब सूरज सीधे सिर पर होता है और UVB किरणें अपने चरम पर होती हैं।

सिर्फ 15 मिनट हैं जरूरी

हड्डियों की मजबूती और इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए आपको घंटों धूप में जलने की जरूरत नहीं है।

शॉर्ट ड्यूरेशन: दोपहर की धूप में केवल 10 से 15 मिनट बैठना, सुबह की 1 घंटे की धूप से कहीं ज्यादा फायदेमंद है।

सावधानी: दोपहर की तेज धूप में ज्यादा देर रहने से सनबर्न का खतरा रहता है, इसलिए छोटे अंतराल (Short Breaks) में धूप लें।

विटामिन-D की कमी के लक्षण

अगर आप पर्याप्त धूप नहीं ले पा रहे हैं, तो शरीर ये संकेत दे सकता है:

हर वक्त थकान और कमजोरी महसूस होना।

हड्डियों और जोड़ों में लगातार दर्द।

बाल झड़ना और घाव भरने में देरी।