FASTag Scam Alert: हाईवे पर 'QR कोड' स्कैन करते ही खाली हो सकता है बैंक खाता! जानें जनवरी 2026 में बढ़ी इस ठगी से बचने के तरीके
नई दिल्ली। कल्पना कीजिए, आप हाईवे पर सफर कर रहे हैं और अचानक आपके फोन पर एक मैसेज आता है— "आपका FASTag बैलेंस खत्म होने वाला है, ब्लैकलिस्ट होने से बचने के लिए तुरंत इस QR कोड को स्कैन कर रिचार्ज करें।" दिल्ली के एक सेल्समैन राहुल के साथ जनवरी 2026 में कुछ ऐसा ही हुआ और जल्दबाजी में एक गलत क्लिक ने उनके बैंक खाते से 5,000 रुपये साफ कर दिए। देशभर में इस तरह के FASTag स्कैम के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
ठगी का नया जाल: 'फेक एसएमएस और फर्जी वेबसाइट'
ठग आजकल एनएचएआई (NHAI) के नाम से मिलते-जुलते एसएमएस या व्हाट्सएप मैसेज भेजते हैं। इसमें अक्सर 'KYC अपडेट' न होने या 'एनुअल पास' सस्ते दाम पर देने का लालच दिया जाता है।
QR कोड का खेल: मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक करते ही आप एक ऐसी वेबसाइट पर पहुंच जाते हैं जो बिल्कुल असली NHAI पोर्टल जैसी दिखती है।
डिटेल्स की चोरी: वहां आपसे वाहन नंबर, FASTag ID और बैंक का ओटीपी (OTP) मांगा जाता है। जैसे ही आप ये जानकारी साझा करते हैं, आपका वॉलेट खाली हो जाता है।
टोल प्लाजा पर फर्जीवाड़ा: कई बार ठग टोल प्लाजा के पास लगे बोर्ड्स पर अपने फर्जी लिंक या QR कोड चिपका देते हैं, जिसे लोग आधिकारिक समझकर स्कैन कर लेते हैं।
नकली वेबसाइट को कैसे पहचानें?
सावधानी ही बचाव है। NHAI की गाइडलाइंस के अनुसार, किसी भी लिंक पर भरोसा करने से पहले URL जरूर चेक करें:
असली वेबसाइट: आधिकारिक वेबसाइट nhai.gov.in या ihmcl.co.in है।
फर्जी पहचान: ठग अक्सर nhai-online.in, fastag-recharge.com या nhaitollpass.com जैसे मिलते-जुलते डोमेन का इस्तेमाल करते हैं।
ध्यान दें: कोई भी आधिकारिक संस्था आपसे टोल के नाम पर सीधे व्हाट्सएप पर पैसा नहीं मांगती और न ही निजी जानकारी साझा करने को कहती है।
बचाव के 4 गोल्ड मंत्र
आधिकारिक ऐप ही चुनें: हमेशा NHAI के 'Rajmargyatra' ऐप, 'MyFASTag' पोर्टल या अपने अधिकृत बैंक के आधिकारिक ऐप से ही रिचार्ज करें।
OTP कभी साझा न करें: बैंक या NHAI कभी भी फोन पर आपसे ओटीपी, पिन या FASTag ID नहीं मांगते।
गूगल सर्च के नंबरों से बचें: कस्टमर केयर का नंबर हमेशा आधिकारिक वेबसाइट से ही लें। गूगल मैप्स या सर्च पर दिए गए अनजान नंबर फर्जी हो सकते हैं।
एसएमएस अलर्ट पर नजर: अपने बैंक और FASTag वॉलेट के मैसेज अलर्ट हमेशा ऑन रखें ताकि बैलेंस में किसी भी तरह की छेड़छाड़ का तुरंत पता चल सके।
ठगी होने पर क्या करें?
अगर आप या आपका कोई परिचित इस जाल में फंस गया है, तो समय बर्बाद न करें:
हेल्पलाइन 1033: तुरंत NHAI की आधिकारिक हेल्पलाइन 1033 पर कॉल करें।
साइबर क्राइम रिपोर्ट: अपनी शिकायत cybercrime.gov.in पर दर्ज कराएं।
बैंक को सूचना: तुरंत अपने बैंक को सूचित कर कार्ड या वॉलेट ब्लॉक करवाएं और नजदीकी पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराएं।
याद रखें: आपकी सतर्कता ही आपकी सुरक्षा है। हाईवे पर जल्दबाजी में किया गया एक 'स्कैन' आपको भारी पड़ सकता है।