Surya Grahan 2026 : 17 फरवरी को दुर्लभ सूर्य ग्रहण कुंभ राशि में 64 साल बाद बन रहा है यह महासंयोग, जानें भारत में दिखेगा या नहीं

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News India Live, Digital Desk: साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण ज्योतिषीय गणनाओं के लिहाज से बेहद खास होने वाला है। आगामी 17 फरवरी को लगने वाला यह ग्रहण न केवल एक खगोलीय घटना है, बल्कि 64 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद ग्रहों की एक ऐसी स्थिति बन रही है जो पूरी दुनिया के साथ-साथ सभी राशियों पर गहरा प्रभाव डालेगी। ज्योतिषियों के अनुसार, फाल्गुन अमावस्या के दिन होने वाला यह ग्रहण 'कुंभ राशि' में हलचल पैदा करेगा।

64 साल बाद कुंभ राशि में 'त्रिग्रही योग'

इस सूर्य ग्रहण की सबसे दुर्लभ बात यह है कि 17 फरवरी को कुंभ राशि में सूर्य, चंद्रमा और शनि की युति होने जा रही है।

दुर्लभ संयोग: ऐसा ही त्रिग्रही योग और सूर्य ग्रहण का संयोग आज से ठीक 64 साल पहले बना था।

शनि का प्रभाव: शनि अपनी ही राशि (कुंभ) में विराजमान हैं और वहीं सूर्य ग्रहण लगने से देश-दुनिया की राजनीति और प्राकृतिक आपदाओं को लेकर बड़े संकेत मिल रहे हैं।

क्या भारत में दिखाई देगा यह ग्रहण? (Visibility in India)

सूर्य ग्रहण को लेकर सबसे बड़ा सवाल इसकी दृश्यता का होता है।

सूतक काल: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देता है, तो उसका 'सूतक काल' मान्य नहीं होता।

दृश्यता: 17 फरवरी 2026 को लगने वाला यह सूर्य ग्रहण मुख्य रूप से अंटार्कटिका, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा। भारत में इसकी दृश्यता न के बराबर या शून्य होगी, इसलिए यहाँ धार्मिक कार्यों पर पाबंदी लागू नहीं होगी।

किन राशियों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर?

भले ही ग्रहण भारत में दिखाई न दे, लेकिन ग्रहों का गोचर (Transit) राशियों पर असर डालता है:

कुंभ राशि: चूंकि ग्रहण इसी राशि में लग रहा है, इसलिए कुंभ जातकों को स्वास्थ्य और मानसिक तनाव के प्रति सचेत रहना होगा।

सिंह राशि: वैवाहिक जीवन और साझेदारी के कार्यों में सावधानी बरतने की जरूरत है।

वृश्चिक राशि: संपत्ति और करियर के मामलों में बड़े फैसले लेने से बचें।