बिहार के भभुआ क्षेत्र के एक गांव में खेल-खेल में खाया जमालघोटा, एक साथ 8 बच्चों की बिगड़ी तबीयत

Post

News India Live, Digital Desk: बिहार के कैमूर जिले के भभुआ थाना क्षेत्र के एक गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब आठ बच्चों ने अनजाने में जहरीला फल 'जमालघोटा' (जिसे वैज्ञानिक रूप से Croton tiglium कहा जाता है) खा लिया। फल खाने के कुछ ही देर बाद बच्चों को तेज पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी, जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया।

कैसे हुई घटना? (The Incident)

जानकारी के अनुसार, बच्चे घर के पास ही खेल रहे थे। इसी दौरान उन्हें झाड़ियों में जमालघोटा के फल दिखे। फल दिखने में आकर्षक थे, जिसे बच्चों ने कोई जंगली बादाम या खाने वाली चीज समझकर आपस में बांटकर खा लिया।

लक्षण: खाने के लगभग 15-20 मिनट बाद ही बच्चों को डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) और बेचैनी होने लगी।

तत्परता: माता-पिता को जैसे ही इसकी जानकारी हुई, उन्होंने तुरंत एम्बुलेंस और निजी वाहनों की मदद से बच्चों को अस्पताल पहुँचाया।

डॉक्टरों की राय और बच्चों की स्थिति

सदर अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि बच्चों को 'फूड पॉइजनिंग' (Food Poisoning) के लक्षणों के साथ भर्ती किया गया है।

इलाज: बच्चों का पेट साफ करने (Gastric Lavage) की प्रक्रिया की गई है और उन्हें फ्लुइड्स (IV Fluids) दिए जा रहे हैं ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।

वर्तमान स्थिति: राहत की बात यह है कि सभी बच्चे फिलहाल खतरे से बाहर हैं और डॉक्टरों की सघन निगरानी (Observation) में हैं।

जमालघोटा (Purging Nut) क्यों है खतरनाक?

जमालघोटा एक अत्यधिक शक्तिशाली रेचक (Purgative) है। इसके बीज में 'क्रोटिन' नामक विषैला प्रोटीन होता है।

तीव्र असर: इसका एक छोटा सा हिस्सा भी गंभीर दस्त (Diarrhea) और उल्टी का कारण बन सकता है।

डिहाइड्रेशन: अधिक मात्रा में सेवन करने पर शरीर का सारा पानी निकल सकता है, जो बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।

त्वचा में जलन: इसके तेल के संपर्क में आने से त्वचा पर छाले भी पड़ सकते हैं।

अभिभावकों के लिए चेतावनी

अस्पताल प्रशासन और स्थानीय पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को अज्ञात फल या जंगली झाड़ियों से दूर रहने की शिक्षा दें। विशेष रूप से गांव के बाहरी इलाकों में उगने वाले इन पौधों की पहचान कर उन्हें नष्ट कर देना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।