Bihar Vidhan Sabha : नीट छात्रा मौत मामले पर सदन में भारी हंगामा तेजस्वी का सरकार पर प्रहार, नीतीश ने साधी चुप्पी

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News India Live, Digital Desk: बिहार विधानसभा के बजट सत्र का आज चौथा दिन है। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने जहानाबाद की रहने वाली नीट छात्रा की पटना के एक हॉस्टल में हुई संदिग्ध मौत को लेकर सरकार को घेरना शुरू कर दिया। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन के विधायकों ने सदन के बाहर और अंदर जोरदार प्रदर्शन किया।

आज की बड़ी अपडेट्स (5 फरवरी 2026):

विपक्ष का हंगामा: आरजेडी (RJD), कांग्रेस और वामपंथी दलों के विधायकों ने विधानसभा के पोर्टिको में नारेबाजी की। उन्होंने सरकार पर "दोषियों को बचाने" और "साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़" करने का आरोप लगाया।

तेजस्वी यादव का हमला: तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार की प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पुलिस इसे शुरू में 'सुसाइड' बता रही थी, तो अब सीबीआई (CBI) जांच की सिफारिश क्यों की गई? क्या यह केवल मामले को लटकाने की कोशिश है?

सरकार का पक्ष: उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा ने सदन में कहा कि सरकार पारदर्शी जांच चाहती है, इसीलिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद सीबीआई जांच की सिफारिश की है।

NEET छात्रा मौत मामला: अब तक क्या-क्या हुआ?

यह मामला न केवल राजनीतिक रूप से बल्कि सामाजिक रूप से भी बिहार में काफी चर्चा में है।

घटना: 6 जनवरी 2026 को पटना के एक हॉस्टल में छात्रा बेहोश मिली थी, जिसकी 11 जनवरी को इलाज के दौरान मौत हो गई।

पुलिस का दावा बनाम मेडिकल रिपोर्ट: पटना पुलिस ने शुरुआत में इसे नींद की गोलियों के ओवरडोज से 'आत्महत्या' करार दिया था। हालांकि, पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक (FSL) रिपोर्ट में यौन हमले (Sexual Assault) और जबरदस्ती के सबूत मिले।

SIT की विफलता: पुलिस द्वारा गठित एसआईटी (SIT) पर आरोप लगे कि उन्होंने सबूतों (जैसे धुली हुई बेडशीट) के साथ लापरवाही बरती।

CBI को केस: बढ़ते दबाव और परिजनों के डीजीपी (DGP) से मिलने के बाद, 31 जनवरी 2026 को नीतीश सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का निर्णय लिया।

बजट सत्र के अन्य मुख्य बिंदु:

ऐतिहासिक बजट: इससे पहले 3 फरवरी को वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव ने बिहार का अब तक का सबसे बड़ा बजट (₹3.47 लाख करोड़) पेश किया, जिसमें 'सात निश्चय-3' के तहत महिलाओं को ₹2 लाख तक की सहायता और रोजगार पर जोर दिया गया है।

अनंत सिंह की शपथ: जेल में बंद विधायक अनंत सिंह ने भी इसी सत्र के दौरान कड़ी सुरक्षा के बीच सदन के सदस्य के रूप में शपथ ली।