एक घर में कितनी महिलाओं को मिलेंगे 1000 रुपये? जानें पंजाब बजट 2026 की यूनिवर्सल योजना के नियम
News India Live, Digital Desk : वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा पेश किए गए बजट के अनुसार, यह भारत की पहली ऐसी योजना है जो 'यूनिवर्सल' (Universal) होने का दावा करती है। इसका मतलब है कि सरकार ने लाभ देने के लिए "प्रति परिवार" (Per Household) की कोई सीमा नहीं रखी है।
परिवार की हर वयस्क महिला को लाभ
योजना के ड्राफ्ट के अनुसार, एक ही घर में रहने वाली सभी पात्र महिलाएं अलग-अलग इस सहायता राशि की हकदार होंगी।
उदाहरण के लिए: यदि एक परिवार में सास, बहू और 18 वर्ष से ऊपर की बेटी है, और वे पात्रता की अन्य शर्तों को पूरा करती हैं, तो तीनों महिलाओं को अलग-अलग उनके बैंक खातों में 1000-1000 (या SC होने पर 1500-1500) रुपये मिलेंगे।
पात्रता की मुख्य शर्तें (बड़ी राहत के साथ)
सरकार ने इस योजना को 97% महिलाओं तक पहुँचाने के लिए शर्तों को बहुत लचीला रखा है:
आयु: 18 वर्ष या उससे अधिक की हर महिला पात्र है।
पेंशन के साथ भी लाभ: यदि कोई महिला पहले से वृद्धावस्था, विधवा या विकलांगता पेंशन ले रही है, तो उसे वह पेंशन मिलती रहेगी और अतिरिक्त 1000 रुपये भी मिलेंगे।
आय की सीमा नहीं: अन्य राज्यों की तरह यहाँ "कम आय" (जैसे 1 लाख से कम) वाली कोई शर्त नहीं जोड़ी गई है, ताकि मध्यम वर्ग की महिलाएं भी इसका लाभ उठा सकें।
किन्हें नहीं मिलेगा लाभ? (Exclusion List)
हालांकि यह योजना यूनिवर्सल है, लेकिन निम्नलिखित श्रेणियों को इससे बाहर रखा गया है:
सरकारी कर्मचारी: वर्तमान या पूर्व स्थायी सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी।
राजनीतिक पद: वर्तमान या पूर्व विधायक (MLA) और सांसद (MP)।
आयकर दाता: वे महिलाएं या परिवार जो इनकम टैक्स भरते हैं।
पंजीकरण की तारीख और बजट
रजिस्ट्रेशन: 13 अप्रैल 2026 (बैसाखी) से शुरू।
बजट आवंटन: ₹9,300 करोड़।
उद्देश्य: महिलाओं को अपनी छोटी जरूरतों (जैसे कोचिंग, किताबें या दवाएं) के लिए परिवार के पुरुषों पर निर्भर न रहना पड़े।