होटल बुक था बैग पैक थे, लेकिन एयरपोर्ट पर सपना टूट गया राजस्थान जाने वाले पर्यटकों की दर्दभरी कहानी
News India Live, Digital Desk : दिसंबर का महीना हो और मन में राजस्थान घूमने का ख्याल न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता। जैसलमेर का रेगिस्तान हो, उदयपुर की झीलें या जयपुर के किले इस वक्त पूरा देश राजस्थान की तरफ दौड़ता है। लेकिन इस साल, यह जोश थोड़ा ठंडा पड़ गया है। वजह मौसम नहीं, बल्कि वो चीज़ है जिस पर हम सबसे ज़्यादा भरोसा करते हैं हमारी फ्लाइट्स (Flights)।
पिछले कुछ दिनों से इंडिगो (Indigo) और अन्य फ्लाइट्स में जो 'संकट' (Crisis) और लेटलतीफी का दौर चला है, उसने न सिर्फ यात्रियों का मूड खराब किया है, बल्कि राजस्थान के पर्यटन कारोबार की कमर तोड़ कर रख दी है।
धड़ाधड़ कैंसिल हो रही हैं बुकिंग्स
जयपुर, जोधपुर और उदयपुर के होटल वाले परेशान हैं। यह वो समय होता है जब उन्हें सांस लेने की फुर्सत नहीं होती, लेकिन अभी उनका फोन लगातार बज रहा है बुकिंग कंफर्म करने के लिए नहीं, बल्कि कैंसिल करने के लिए।
पर्यटकों का कहना है कि फ्लाइट्स कैंसिल होने या घंटों देरी (Delay) की वजह से उनका पूरा शेड्यूल बिगड़ गया है। जो लोग 3-4 दिन की छुट्टी लेकर आ रहे थे, उनका एक दिन तो एयरपोर्ट पर ही बर्बाद हो जा रहा है। गुस्से और अनिश्चितता (Uncertainty) के चलते कई लोगों ने अपना ट्रिप ही कैंसिल कर दिया है।
"सजा-धजा राजस्थान, पर मेहमान गायब"
टूरिज्म से जुड़े लोग बता रहे हैं कि कोरोना के बाद यह साल उनके लिए उम्मीद की किरण था। शादियों का सीजन (Wedding Season) और न्यू ईयर पार्टी के लिए होटलों और रिसॉर्ट्स में बंपर बुकिंग थी। लेकिन फ्लाइट्स की इस अफरा-तफरी ने सब पर पानी फेर दिया।
- महंगे टिकट का दर्द: जिन्होंने हज़ारों रुपये देकर लास्ट मोमेंट टिकट लिए थे, वे फंस गए हैं।
- टैक्सी वालों की कमाई ठप: फ्लाइट नहीं आई, तो एयरपोर्ट से टैक्सी कौन लेगा? स्थानीय दुकानदारों से लेकर गाइड तक, सब इस मंदी की मार झेल रहे हैं।
भरोसा टूटा, तो कैसे आएंगे पर्यटक?
यात्री सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा निकाल रहे हैं। किसी की दोस्त की शादी थी, तो कोई एनिवर्सरी मनाने जा रहा था। जब एयरलाइन ऐन वक्त पर हाथ खड़े कर दे, तो इंसान की लाचारी समझी जा सकती है। यह संकट सिर्फ एक कंपनी का नहीं, बल्कि पूरे 'हॉस्पिटैलिटी सेक्टर' के लिए खतरे की घंटी है।
राजस्थान अभी सबसे अच्छे मौसम का आनंद ले रहा है, गुलाबी ठंड पड़ रही है, लेकिन अगर वहां पहुंचने का साधन (Flight) ही दगा दे जाए, तो पर्यटक 'पधारो म्हारे देस' का निमंत्रण कैसे स्वीकार करें?
अब सब इसी उम्मीद में हैं कि यह 'फ्लाइट संकट' जल्दी खत्म हो और पर्यटन की गाड़ी फिर से पटरी पर लौटे। अगर आप भी राजस्थान जाने का प्लान कर रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस डबल चेक जरूर कर लें, वरना मूड खराब होने में देर नहीं लगेगी!