रायपुर में खौफनाक हिट एंड रन रेणुका सिंह के बेटे ने जिस डीजे को कुचला, उसकी हालत देख पसीने छूट जाएंगे

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News India Live, Digital Desk : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक ऐसी खबर आ रही है जिसने सोमवार की रात पूरे शहर में हड़कंप मचा दिया। रसूख और रफ्तार के नशे ने एक बार फिर एक हंसते-खेलते इंसान को मौत के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है। मामला कोई मामूली टक्कर का नहीं, बल्कि 'हिट एंड रन' का है, जिसमें नाम जुड़ा है पूर्व केंद्रीय मंत्री और वर्तमान भाजपा विधायक रेणुका सिंह के बेटे, बलवंत सिंह उर्फ लक्की का।

आज की तारीख में जब हम सुरक्षित सड़कों की बात करते हैं, तब रायपुर के तेलीबांधा इलाके से आया यह मंजर दिल दहला देता है।

वो काली रात और रफ़्तार का कहर
तारीख थी 5 जनवरी 2026, और वक्त रात के लगभग 1 बज रहा था। 34 साल के त्रिभुवन ठाकुर, जो पेशे से डीजे (DJ) हैं, अपने काम से घर लौट रहे थे। उन्हें अंदाज़ा भी नहीं था कि कुछ ही पल बाद उनकी दुनिया उजड़ने वाली है। अचानक एक तेज रफ्तार सफेद रंग की सफारी ने उनकी बाइक को ऐसी टक्कर मारी कि त्रिभुवन उछलकर दूर जा गिरे। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कार की रफ्तार इतनी तेज थी कि ड्राइवर ने गाड़ी रोकने की ज़हमत तक नहीं उठाई।

किसकी थी वो सफारी?
जिस कार ने त्रिभुवन को कुचला, उसका नंबर और जांच के तार सीधे विधायक रेणुका सिंह के बेटे लक्की सिंह तक पहुँचते हैं। खबर तो यहाँ तक है कि हादसे के बाद गाड़ी डिवाइडर से जा टकराई, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुके थे। लक्की सिंह उस वक्त अपने दोस्तों के साथ पार्टी करके लौट रहे थे या क्या मंशा थी, ये तो अब पुलिस की जांच का विषय है।

ज़िंदगी और मौत के बीच झूलता मासूम
हादसे में घायल त्रिभुवन ठाकुर की हालत इस वक्त बहुत नाज़ुक है। उन्हें एमएमआई अस्पताल (MMI Hospital) के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। उनके सिर, पसलियों और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। एक मेहनत-मज़दूरी करने वाले इंसान का परिवार अब इंसाफ की गुहार लगा रहा है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या रसूख होने की वजह से लक्की सिंह को कानून की नरमी का फायदा मिलेगा?

क्या कानून सबके लिए बराबर है?
तेलीबांधा पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए लक्की सिंह के खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने और जान जोखिम में डालने की धाराओं के तहत FIR दर्ज कर ली है। कार को ज़ब्त कर लिया गया है, लेकिन लोगों में इस बात को लेकर काफी चर्चा है कि क्या सच में विधायक पुत्र के खिलाफ कड़ा एक्शन होगा या रसूख मामले को रफा-दफा कर देगा?

सत्ता और ताकत अक्सर ज़िम्मेदारी से पीछे हटने का बहाना बन जाती हैं। आज पूरा रायपुर उस घायल युवक की जान के लिए दुआ कर रहा है और यह उम्मीद जता रहा है कि 'अंधा कानून' अपनी आंखों से रसूख की पट्टी हटाकर इंसाफ करेगा।