काम की भगदड़ में कहीं नींद तो नहीं खो गई? जानिए क्यों 6 घंटे से कम सोना आपके शरीर के लिए स्लो पॉइजन जैसा है
News India Live, Digital Desk : आज के दौर में 'बिजी' दिखना एक फैशन सा बन गया है। देर रात तक काम करना, सुबह जल्दी उठ जाना और फिर गर्व से कहना कि"मैं तो बस 5 घंटे सोता हूँ।" अगर आप भी इसी कैटेगरी में आते हैं, तो शायद आपको नहीं पता कि आप अपनी सेहत के साथ कितना खतरनाक जुआ खेल रहे हैं।
हालिया रिसर्च और हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो 6 घंटे से कम सोना आपकी खराब डाइट या जंक फूड खाने से भी ज्यादा नुकसानदेह हो सकता है। जी हां, आपने सही पढ़ा। आप कितना भी ओट्स खा लें या घंटों जिम में पसीना बहा लें, लेकिन अगर आपकी नींद पूरी नहीं है, तो वो सब बेकार है। आइए समझते हैं कि नींद की ये कमी आपके साथ क्या खेल खेलती है।
शरीर के साथ 'धोखा' है नींद की कमी
हमारा शरीर किसी मशीन की तरह है। पूरे दिन के काम के बाद इसे 'रिपेयर' (मरम्मत) की ज़रूरत होती है, जो सिर्फ गहरी नींद में ही मुमकिन है। जब आप 6 घंटे से कम सोते हैं, तो आपके शरीर को मरम्मत का समय ही नहीं मिलता। इसका सीधा असर आपके अंगों और हार्मोन्स पर पड़ता है।
वो 5 खतरे जिन्हें आप नजरअंदाज नहीं कर सकते:
- दिल का दुश्मन: कम नींद सीधे आपके ब्लड प्रेशर को प्रभावित करती है। अगर यह सिलसिला लंबे समय तक चलता है, तो हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। आपका दिल बेचारा तब भी काम कर रहा होता है जब उसे आराम की ज़रूरत होती है।
- वजन का अचानक बढ़ना: क्या आप डाइट पर हैं फिर भी पेट कम नहीं हो रहा? दोष आपकी नींद का हो सकता है। नींद कम लेने से 'घ्रेलिन' (भूख बढ़ाने वाला हार्मोन) बढ़ जाता है और 'लेप्टिन' (पेट भरा होने का अहसास कराने वाला हार्मोन) कम हो जाता है। नतीजा? आप बिना सोचे-समझे ज्यादा खाने लगते हैं।
- दिमाग की धुंध (Brain Fog): अगर आप छोटी-छोटी बातें भूल रहे हैं, चिड़चिड़े हो रहे हैं या ऑफिस में फोकस नहीं कर पा रहे, तो समझ जाइये आपका दिमाग 'शटडाउन' मांग रहा है। कम नींद से याददाश्त कमजोर होती है और लंबे समय में अल्जाइमर जैसी बीमारियों का डर बढ़ जाता है।
- इम्यूनिटी का गिरना: हमारे इम्यून सेल्स सोते समय ही मज़बूत होते हैं। कम सोने वाले लोगों को मौसमी बीमारियां, सर्दी-जुकाम और इन्फेक्शन बहुत जल्दी पकड़ते हैं।
- उम्र से पहले बुढ़ापा: नींद की कमी स्ट्रेस हार्मोन (कोर्टिसोल) को बढ़ा देती है, जो त्वचा के कोलाजन को तोड़ देता है। आंखों के नीचे काले घेरे और चेहरे पर झुर्रियां समय से पहले ही दिखने लगती हैं।
समाधान क्या है?
एक पते की बात समझ लीजिये—कोई भी काम आपकी जान से कीमती नहीं है। नींद कोई 'लग्जरी' नहीं है, बल्कि यह शरीर की सबसे बड़ी 'जरूरत' है। कोशिश करें कि रात को एक फिक्स टाइम पर बिस्तर पर जाएँ, सोने से एक घंटा पहले मोबाइल को 'अलविदा' कह दें और कमरे में अंधेरा रखें।
याद रखिये, अच्छी सेहत की शुरुआत रसोई से नहीं, बल्कि बिस्तर से होती है। आज ही अपने सोने के घंटों से समझौता करना बंद कीजिये!