Gupt Navratri 2026 : अगर जीवन में सब कुछ उलझा हुआ है, तो माँ दुर्गा का ये अमोघ मंत्र दिखाएगा रास्ता
News India Live, Digital Desk : हम सब 'नवरात्रि' का नाम सुनते ही गरबा, डांडिया और मेले की रौनक के बारे में सोचने लगते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारे धर्म ग्रंथों में कुछ नवरात्रि ऐसी भी बताई गई हैं, जिन्हें दुनिया के शोर-शराबे से दूर, बहुत ही एकांत में मनाया जाता है? जी हां, हम बात कर रहे हैं 'गुप्त नवरात्रि' की।
जनवरी 2026 का महीना चल रहा है और यह समय माघ महीने की गुप्त नवरात्रि का है। यह समय उन लोगों के लिए बेहद खास है जो आध्यात्मिक शक्ति पाना चाहते हैं या जीवन की कठिनाइयों से तंग आ चुके हैं।
'गुप्त' का मतलब क्या है?
जैसा इसका नाम है, वैसे ही इसकी पूजा भी है। गुप्त नवरात्रि का मूल मंत्र ही यही है "आपकी साधना जितनी गुप्त होगी, फल उतना ही ज्यादा मिलेगा।" इस दौरान ढोल-नगाड़े नहीं बजते, बल्कि मन की गहराई में उतरकर माँ दुर्गा का ध्यान किया जाता है। माना जाता है कि इन दिनों में देवी माँ की तरंगें वातावरण में बहुत प्रबल होती हैं।
'देवी कवच': आपकी असली सुरक्षा ढाल
अब आते हैं उस खास उपाय पर, जिसकी चर्चा साधु-संत हमेशा करते हैं। वह है देवी कवच (Devi Kavach) का पाठ।
क्या आपने कभी सोचा है कि जीवन में कई बार हम बेवजह डरते हैं, या नजर-दोष, नेगेटिव एनर्जी या बीमारियों से परेशान रहते हैं? 'दुर्गा सप्तशती' में दिया गया 'देवी कवच' इन्हीं समस्याओं का रामबान इलाज माना गया है।
गुप्त नवरात्रि के इन 9 दिनों में अगर आप रोज सुबह स्नान करके, पवित्र मन से देवी कवच का पाठ करते हैं, तो यह आपके शरीर और आत्मा के चारों तरफ एक अदृश्य सुरक्षा घेरा (Positive Aura) बना देता है। आसान शब्दों में कहें तो यह एक 'स्पिरिचुअल बॉडीगार्ड' की तरह काम करता है।
इसे कैसे करें?
इसके लिए आपको किसी बहुत बड़े अनुष्ठान की जरूरत नहीं है। बस इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखें:
- समय का ध्यान: कोशिश करें कि पूजा का समय हर दिन एक ही हो (सुबह या शाम)।
- शुद्धता: मन में किसी के लिए बुराई न रखें।
- संकल्प: पाठ शुरू करने से पहले माँ को अपनी परेशानी बताएं और उनसे रक्षा की प्रार्थना करें।
दोस्तों, विश्वास बड़ी चीज है। माघ महीने की यह गुप्त नवरात्रि आपके लिए एक सुनहरा मौका है। अपनी भागदौड़ भरी जिंदगी से थोड़ा वक्त निकालिए और 'देवी कवच' का पाठ करके देखिए। आपको खुद-ब-खुद एक अलग ही सकारात्मक ऊर्जा और शांति का एहसास होगा।