Gemology : क्या पन्ना और पुखराज एक साथ पहन सकते हैं? जानें रत्नों का यह पावरफुल कॉम्बिनेशन आपकी किस्मत चमकाएगा
News India Live, Digital Desk: रत्न शास्त्र (Ratna Shastra) के अनुसार, हर रत्न का संबंध किसी न किसी ग्रह से होता है। जहाँ पन्ना बुद्धि और व्यापार के कारक 'बुध' का रत्न है, वहीं पुखराज ज्ञान और सौभाग्य के देवता 'बृहस्पति' (गुरु) का प्रतिनिधित्व करता है। अक्सर लोग सवाल करते हैं कि क्या इन दोनों रत्नों को एक साथ पहना जा सकता है? इसका जवाब ज्योतिषीय गणना और ग्रहों की आपसी केमिस्ट्री में छिपा है।
पन्ना और पुखराज: ग्रहों की मित्रता या शत्रुता? ज्योतिष शास्त्र में बुध और बृहस्पति के बीच 'सम' (Neutral) संबंध माना जाता है। न तो ये आपस में परम शत्रु हैं और न ही घनिष्ठ मित्र। हालांकि, पन्ना और पुखराज को एक साथ धारण करना कुछ विशेष परिस्थितियों में अद्भुत परिणाम दे सकता है:
किस्मत और बुद्धि का मेल: यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में बुध और गुरु दोनों ही शुभ भावों (जैसे केंद्र या त्रिकोण) में स्थित हों, तो इन दोनों रत्नों को पहनने से व्यक्ति की निर्णय क्षमता और आर्थिक स्थिति में जबरदस्त सुधार होता है।
शिक्षा और करियर: प्रशासनिक सेवाओं (IAS/PCS), लेखन, वकालत या शिक्षण क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए यह कॉम्बिनेशन बहुत लाभकारी सिद्ध हो सकता है।
किन्हें नहीं पहनना चाहिए ये कॉम्बिनेशन? रत्न शास्त्र के अनुसार, कुछ विशेष लग्न वालों को सावधानी बरतनी चाहिए:
मेष, वृश्चिक और सिंह लग्न: इन लग्न के जातकों के लिए बुध (पन्ना) हमेशा शुभ नहीं होता, इसलिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के इन्हें एक साथ न पहनें।
शत्रु रत्नों से बचें: पन्ना के साथ मूंगा या मोती पहनने से बचना चाहिए। वहीं, पुखराज के साथ हीरा या नीलम पहनना नुकसानदेह हो सकता है।
पहनने का सही तरीका
धातु: पुखराज को हमेशा सोने (Gold) में पहनना चाहिए, जबकि पन्ना सोने या चांदी दोनों में पहना जा सकता है।
उंगली: पुखराज को तर्जनी (Index Finger) में और पन्ना को कनिष्ठा (Little Finger) में धारण करना सबसे उत्तम माना जाता है।