शुक्रवार का व्रत और वो गुप्त उपाय क्या आपकी कुंडली के ग्रह रोक रहे हैं आपकी तरक्की?
News India Live, Digital Desk : आज तारीख है 26 दिसंबर 2025। साल खत्म होने में बस चंद दिन बचे हैं और इत्तेफाक देखिए कि आज साल 2025 का 'आखिरी शुक्रवार' है। हम सब चाहते हैं कि आने वाला साल 2026 हमारे लिए सुख, समृद्धि और ढेर सारी खुशियाँ लेकर आए। लेकिन नया साल शुरू होने से पहले ये जो अंतिम शुक्रवार है, ज्योतिष और अध्यात्म की दुनिया में इसे एक "गोल्डन चांस" की तरह देखा जाता है।
शुक्रवार का दिन माँ लक्ष्मी और सुख-सुविधाओं के स्वामी 'शुक्र देव' को समर्पित होता है। अगर आपका पिछला साल पैसों की तंगी या रिश्तों की कड़वाहट में बीता है, तो आज का दिन उस नकारात्मक ऊर्जा को पीछे छोड़ने का सबसे बेहतरीन वक्त है।
अशुभ योगों से डरने की नहीं, समझने की ज़रूरत है
कभी-कभी पंचांग में कुछ ऐसे योग बन जाते हैं जिन्हें हम 'अशुभ' कहते हैं। लेकिन डरिए मत! साल के अंतिम पड़ाव पर कुछ आसान उपायों से इन बाधाओं को पार किया जा सकता है। आज के दिन किया गया दान और मंत्रों का जाप न केवल वर्तमान की समस्याओं को शांत करता है, बल्कि आने वाले साल के लिए आपकी आर्थिक नींव को भी मज़बूत बनाता है।
साल के अंतिम शुक्रवार को क्या करें?
बहुत बड़े और ताम-झाम वाले उपाय करने की ज़रूरत नहीं है। सच्ची श्रद्धा से किए गए ये छोटे काम ही सबसे ज़्यादा असर दिखाते हैं:
- सफ़ेद चीज़ों का दान: शुक्रवार का सीधा संबंध शुक्र ग्रह से है और उन्हें सफ़ेद रंग बेहद प्रिय है। आज के दिन चावल, चीनी, दूध या दही का दान किसी गरीब व्यक्ति या पास के मंदिर में करें। ऐसा करने से शुक्र देव प्रसन्न होते हैं और भौतिक सुखों में बढ़ोतरी होती है।
- शुक्र बीज मंत्र का जाप: अगर आप काम में आ रही रुकावटों से परेशान हैं, तो आज कम से कम 108 बार "ॐ शुं शुक्राय नमः" का जाप करें। यह मंत्र आपकी एकाग्रता बढ़ाता है और अटके हुए काम पूरे करने की ऊर्जा देता है।
- कमल गट्टे की माला या लाल गुलाब: माँ लक्ष्मी को कमल या लाल गुलाब अर्पित करें। साल के जाते-जाते ये शुक्रिया अदा करने का तरीका है कि उन्होंने हमें यहाँ तक पहुँचाया और प्रार्थना है कि अगला साल और भी समृद्ध हो।
- घर की सफ़ाई और घी का दीपक: आज शाम को अपने घर के मुख्य द्वार पर घी का दीपक ज़रूर जलाएं। माँ लक्ष्मी वहीं प्रवेश करती हैं जहाँ साफ़-सफाई और उजाला होता है।
नए साल का संकल्प
शुक्रवार का व्रत सिर्फ़ खाने-पीने से परहेज नहीं है, बल्कि यह अपने व्यवहार को विनम्र बनाने का अभ्यास भी है। साल 2025 के इस अंतिम शुक्रवार पर ये संकल्प लें कि आप दूसरों की मदद करेंगे और अपनी मेहनत पर यकीन रखेंगे। याद रखिए, माँ लक्ष्मी वहीं टिकती हैं जहाँ मन में पवित्रता और इरादों में सच्चाई होती है।
खैर, साल तो गुज़र ही जाएगा, लेकिन आपके द्वारा किए गए ये छोटे-छोटे प्रयास आपकी ज़िंदगी में बड़ी तब्दीलियां ला सकते हैं। मेरी तरफ से आपको और आपके परिवार को साल के इस आखिरी शुक्रवार और आने वाले सुखद भविष्य की ढेरों शुभकामनाएँ!