चिलचिलाती गर्मी में बिजली ने दिया धोखा? टेंशन छोड़ें, बिना AC-कूलर इन 5 देसी जुगाड़ से खुद को रखें'ठंडा
News India Live, Digital Desk : गर्मियों का मौसम दस्तक दे चुका है और इसके साथ ही शुरू हो गया है तेज धूप, पसीने और चिलचिलाती गर्मी का टॉर्चर। ऐसे में जब अचानक से बिजली गुल हो जाती है, तो घर के अंदर रहना किसी सजा से कम नहीं लगता। पंखा, कूलर और एसी बंद होते ही चंद मिनटों में पसीने छूटने लगते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारे बड़े-बुजुर्ग बिना इन आधुनिक सुविधाओं के भी भयंकर गर्मी कैसे काट लेते थे? अगर आपके इलाके में भी गर्मियों में बिजली जाने की समस्या आम है, तो आपको घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। आज हम आपको कुछ ऐसे किफायती, नेचुरल और आजमाए हुए देसी तरीके बताने जा रहे हैं, जो बिना बिजली के भी आपको गर्मी से राहत देंगे और शरीर को 'ठंडा-ठंडा कूल-कूल' रखेंगे।
खिड़की-दरवाजों का स्मार्ट इस्तेमाल
अक्सर लोग गर्मी से बचने के लिए सारे खिड़की-दरवाजे बंद कर लेते हैं, लेकिन जब बिजली न हो, तो यह तरीका उलटा पड़ सकता है। इससे बचने का सबसे आसान देसी जुगाड़ है कि आप क्रॉस-वेंटिलेशन (हवा आर-पार होने) का ध्यान रखें। खिड़कियों और दरवाजों के पर्दों को हल्का सा गीला करके छोड़ दें और उन्हें खोल दें। जब बाहर की गर्म हवा इन गीले पर्दों से होकर गुजरेगी, तो वह ठंडी हो जाएगी और आपके कमरे का तापमान खुद-ब-खुद कम होने लगेगा।
खस (वेटिवर) की चटाई करेगी एसी का काम
गांवों और पुराने घरों में आज भी खस (वेटिवर) की चटाई या पर्दों का खूब इस्तेमाल होता है। यह एक बेहतरीन नेचुरल कूलिंग एजेंट है। अगर बिजली कट जाती है, तो आप अपनी खिड़कियों और दरवाजों पर खस की चटाई टांग कर उसे पानी से भिगो दें। इसकी भीनी-भीनी खुशबू और इससे छनकर आने वाली ठंडी हवा आपको किसी एसी से कम आराम नहीं देगी।
ठंडे पानी और गीले तौलिए का जादू
शरीर का तापमान बढ़ने पर बेचैनी होने लगती है। बिजली जाने पर गर्मी से तुरंत राहत पाने के लिए ठंडे पानी से नहाना सबसे असरदार तरीका है। अगर बार-बार नहाना मुमकिन न हो, तो एक तौलिए को ठंडे पानी में भिगोकर निचोड़ लें और उसे अपनी गर्दन, कलाई और पैरों पर रखें। इसके अलावा, हर थोड़ी देर में ठंडे पानी से अपना चेहरा और हाथ-पैर धोते रहें। इससे शरीर का तापमान नॉर्मल रहेगा और आपको फ्रेशनेस महसूस होगी।
मिट्टी के मटके का जादुई पानी
गर्मियों में फ्रिज का ठंडा पानी पीने से भले ही पल भर की तसल्ली मिल जाए, लेकिन सेहत और असली ठंडक के लिए मिट्टी के मटके का पानी ही सबसे बेस्ट है। बिजली जाने पर फ्रिज का पानी भी गर्म हो जाता है, लेकिन मटका पानी को प्राकृतिक रूप से ठंडा रखता है। मटके का पानी पीने से न सिर्फ शरीर में ताजगी आती है, बल्कि यह लू और कई अन्य मौसमी बीमारियों से भी बचाता है।
सीजनल फल और हाइड्रेशन है जरूरी
बाहरी ठंडक के साथ-साथ शरीर को अंदर से ठंडा रखना भी बहुत जरूरी है। डाइट में ऐसी चीजें शामिल करें जिनमें पानी की मात्रा ज्यादा हो। तरबूज, खरबूजा, खीरा, और ककड़ी जैसे सीजनल फल आपको हाइड्रेटेड रखेंगे। इसके अलावा, जब बिजली न हो और गर्मी सता रही हो, तो एक गिलास ठंडी छाछ (मट्ठा), नींबू पानी या दही का सेवन करें। ये चीजें शरीर को अंदर से ठंडक पहुंचाती हैं और गर्मी के असर को बेअसर कर देती हैं।