Chhattisgarh Plant Blast : प्लांट हादसे में कोहराम मरने वालों की संख्या बढ़कर 24 हुई, वेदांता ग्रुप के प्लांट में मलबे से निकल रही हैं लाशें
News India Live, Digital Desk: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित वेदांता समूह के पावर प्लांट में हुए भीषण हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मलबे से और शव बरामद होने के बाद इस हादसे में जान गंवाने वालों की कुल संख्या बढ़कर 24 हो गई है। घटना के कई घंटों बाद भी राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। मलबे के नीचे अभी भी कुछ और श्रमिकों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे मौतों का आंकड़ा और बढ़ने का डर बना हुआ है।
मलबे के ढेर में तब्दील हुआ स्ट्रक्चर
सक्ती जिले के जेठा स्थित इस पावर प्लांट में निर्माणाधीन चिमनी या स्ट्रक्चर के गिरने से यह दर्दनाक हादसा हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब यह ढांचा गिरा, उस समय वहां बड़ी संख्या में मजदूर काम कर रहे थे। भारी भरकम लोहे और कंक्रीट के मलबे ने मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं दिया। प्रशासन ने एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को तैनात किया है, जो क्रेन और गैस कटर की मदद से भारी मलबे को हटाकर दबे हुए लोगों को निकालने की कोशिश कर रही हैं।
परिजनों का फूटा गुस्सा, प्लांट में भारी तनाव
जैसे-जैसे मौतों की संख्या बढ़ रही है, मृतक श्रमिकों के परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। परिजनों ने प्लांट के गेट पर हंगामा करते हुए प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर काम कराया जा रहा था। स्थिति को बिगड़ता देख मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। आक्रोशित लोग उचित मुआवजे और दोषियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने दिए उच्च स्तरीय जांच के आदेश
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है। सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। जिला कलेक्टर और एसपी खुद मौके पर मौजूद रहकर रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, चाहे वह कितना भी बड़ा अधिकारी या प्रबंधन का हिस्सा हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
वेदांता समूह ने जारी किया बयान
हादसे के बाद वेदांता समूह की ओर से भी आधिकारिक बयान सामने आया है। कंपनी ने घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा है कि उनकी प्राथमिकता इस समय रेस्क्यू ऑपरेशन और प्रभावित परिवारों की मदद करना है। कंपनी ने प्रभावितों के लिए सहायता राशि और घायलों के इलाज का पूरा खर्च उठाने का आश्वासन दिया है। हालांकि, तकनीकी खामी या मानवीय लापरवाही पर अभी कंपनी ने खुलकर कुछ नहीं कहा है।