छत्तीसगढ़ में मौसम का अटैक कहीं 44 डिग्री के साथ भीषण लू, तो कहीं बारिश का अलर्ट, जानें अगले 3 दिनों का हाल
News India Live, Digital Desk: छत्तीसगढ़ में मौसम के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। जहां एक ओर राजधानी रायपुर समेत मैदानी इलाकों में सूरज आग उगल रहा है, वहीं दूसरी ओर बस्तर संभाग और दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना बनी हुई है। 19 अप्रैल 2026 को प्रदेश का पारा 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिसने पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मौसम विभाग (IMD) ने इसे देखते हुए 'येलो अलर्ट' जारी किया है।
इन जिलों में लू (Heatwave) का कहर
रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग के जिलों में गर्मी अपने चरम पर है। राजनांदगांव और रायगढ़ जैसे शहरों में तापमान 43 से 44 डिग्री के बीच बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश से तमिलनाडु तक एक ट्रफ लाइन गुजर रही है, जिसके प्रभाव से मैदानी इलाकों में गर्म और शुष्क हवाएं चल रही हैं। प्रशासन ने दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक लोगों को सीधी धूप से बचने और घर के अंदर रहने की सख्त हिदायत दी है।
बस्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ में बारिश की संभावना
गर्मी के बीच दक्षिण छत्तीसगढ़ के लिए राहत भरी खबर है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण कांकेर, सुकमा, गरियाबंद, बीजापुर, बस्तर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर और कोंडागांव जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने के आसार हैं। कुछ स्थानों पर आंधी और बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई है। यह स्थिति 22 अप्रैल 2026 तक बनी रह सकती है, जिससे इन क्षेत्रों में उमस बढ़ने के साथ-साथ तापमान में आंशिक गिरावट देखी जाएगी।
20 अप्रैल से स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां
भीषण गर्मी और हीटवेव के खतरे को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में 20 अप्रैल 2026 से ग्रीष्मकालीन अवकाश (Summer Vacation) घोषित कर दिया गया है। पहले यह छुट्टियां मई में शुरू होनी थीं, लेकिन पारा 44 डिग्री के पार पहुंचने और बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए छुट्टियों को समय से पहले प्रभावी कर दिया गया है।
मौसम विभाग की स्वास्थ्य सलाह
तरल पदार्थ: शरीर में पानी की कमी न होने दें, बार-बार पानी, ओआरएस और मौसमी फलों का सेवन करें।
यात्रा: बहुत जरूरी होने पर ही दोपहर में बाहर निकलें और सिर को सफेद सूती कपड़े या टोपी से ढककर रखें।
पहनावा: हल्के रंग के और ढीले सूती कपड़े पहनें।
सतर्कता: आंधी या बिजली कड़कने के समय पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास शरण न लें।