गोरखपुर में चुनावी खेल का पर्दाफाश? विधानसभा से भी ज्यादा निकले पंचायत वोटर, अब गिरेगी गाज

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News India Live, Digital Desk : उत्तर प्रदेश की राजनीति हमेशा से दिलचस्प रही है, लेकिन इस बार मामला किसी नेता के भाषण का नहीं, बल्कि 'वोटों की गिनती' का है। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से एक ऐसी खबर आई है, जिसे पढ़कर शायद आप भी अपना सिर खुजलाने लगेंगे। प्रशासन जब आगामी चुनावों की तैयारी के लिए वोटर लिस्ट की जांच करने बैठा, तो उसके सामने कुछ ऐसे आंकड़े आए जिन्हें पचा पाना मुश्किल था।

हैरानी की बात यह है कि जिले के कई हिस्सों में विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) के मुकाबले पंचायत चुनाव (Panchayat Election) की लिस्ट में वोटरों की संख्या कहीं ज्यादा है। सवाल ये है कि जब किसी क्षेत्र का वोटर एक ही होता है, तो अलग-अलग लिस्ट में ये संख्या घट-बढ़ कैसे जाती है?

12 लाख डुप्लीकेट वोटरों की 'खतरनाक' सेंधमारी
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, पूरे जिले और डिवीजन स्तर पर की गई जांच में करीब 12 लाख से ज्यादा नाम ऐसे पाए गए हैं जो 'डुप्लीकेट' या 'फर्जी' की कैटेगरी में आते हैं। मतलब, एक ही शख्स का नाम विधानसभा की लिस्ट में कुछ और है, तो पंचायत की लिस्ट में वह तीन अलग-अलग जगहों से रजिस्टर है। कहीं-कहीं तो यह संख्या इतनी ज्यादा है कि प्रशासन को लगा जैसे रातों-रात कोई जादुई आबादी बढ़ गई हो।

ये गड़बड़ आखिर होती क्यों है?
आज 8 जनवरी 2026 है, और हम डिजिटल इंडिया की बात करते हैं, फिर भी ऐसी लापरवाही होना सिस्टम पर सवाल खड़ा करती है। असल में, अक्सर लोग जब एक जगह से दूसरी जगह रहने जाते हैं, तो वे पुरानी जगह से नाम कटवाए बिना ही नई जगह रजिस्ट्रेशन करा लेते हैं। इसके अलावा, कई बार स्थानीय राजनीति के चक्कर में एक ही परिवार के लोगों के नाम अलग-अलग वार्डों में डलवा दिए जाते हैं ताकि वोट बैंक मजबूत हो सके। इसमें कई बार मुर्दों के नाम और 'शिफ्ट' हो चुके लोगों के नाम भी लिस्ट में सालों तक बने रहते हैं।

प्रशासन ने अब उठाया 'डंडा'
इस फर्जीवाड़े को देखते हुए प्रशासन ने 'सफाई' अभियान शुरू कर दिया है। सॉफ्टवेयर और डोर-टू-डोर वेरिफिकेशन के जरिए उन 12 लाख अतिरिक्त नामों को छाँटा जा रहा है। अधिकारियों का साफ कहना है कि किसी भी सूरत में चुनाव में 'अतिरिक्त या फर्जी' वोटरों की गुंजाइश नहीं रहने दी जाएगी।

वोटर लिस्ट में अपना नाम जरूर जांचें
यह खबर हम सबके लिए एक बड़ी सीख है। अगर आप गोरखपुर या उत्तर प्रदेश के किसी भी जिले में रहते हैं, तो एक बार खुद जागरूक होकर अपनी वोटर लिस्ट में नाम जरूर चेक कर लें। अगर आपके परिवार का कोई सदस्य बाहर चला गया है या घर में कोई अब नहीं रहा, तो उनका नाम कटवाना आपकी जिम्मेदारी है।