Earworm : बार-बार दिमाग में बज रहा है एक ही गाना? जानें क्या है इयरवॉर्म और इसे रोकने के 5 आसान वैज्ञानिक तरीके

Post

News India Live, Digital Desk: अक्सर हम कोई गाना रेडियो या सोशल मीडिया रील पर सुनते हैं और फिर पूरा दिन वही धुन हमारे दिमाग में गूँजती रहती है। हम चाहकर भी उसे रोक नहीं पाते। मेडिकल साइंस में इसे 'इनवॉलंटरी म्यूजिकल इमेजरी' (INMI) या आम भाषा में 'इयरवॉर्म' कहा जाता है। रिसर्च के अनुसार, दुनिया के 98% लोग अपने जीवन में कभी न कभी इस स्थिति का सामना करते हैं।

क्यों अटक जाते हैं दिमाग में गाने? (Why it happens?)

हमारा दिमाग खास तरह के पैटर्न को याद रखने का शौकीन होता है। जब हम कोई ऐसा गाना सुनते हैं जो:

बहुत सरल और बार-बार दोहराया जाने वाला हो।

जिसकी लय (Rhythm) बहुत तेज या पकड़ने वाली हो।

जो किसी खास भावना या याद से जुड़ा हो।

...तो हमारा दिमाग उसे एक 'मेंटल लूप' में डाल देता है। तनाव या खाली बैठे रहने पर यह समस्या और अधिक बढ़ जाती है।

इयरवॉर्म से छुटकारा पाने के 5 अचूक उपाय (How to stop it)

पूरा गाना सुनें: अक्सर गाना दिमाग में इसलिए अटकता है क्योंकि हमारा दिमाग उसे अधूरा छोड़ देता है (जिसे 'जाइगार्निक प्रभाव' कहते हैं)। गाने को शुरू से अंत तक पूरा सुनने से दिमाग को 'क्लोजर' मिल जाता है और वह उसे दोहराना बंद कर देता है।

च्युइंग गम चबाएं: यह सुनकर अजीब लग सकता है, लेकिन रिसर्च कहती है कि च्युइंग गम चबाने से हमारे जबड़े की मांसपेशियां व्यस्त रहती हैं, जिससे दिमाग की वह क्षमता प्रभावित होती है जो गाने की धुन को दोहराती है।

दिमाग को चुनौती दें: कोई कठिन पहेली (Sudoku) सुलझाएं या कोई गंभीर किताब पढ़ें। जब आप दिमाग को किसी जटिल काम में लगाते हैं, तो वह संगीत के उस लूप को तोड़ देता है।

कोई दूसरा गाना सुनें: पुराने गाने को निकालने के लिए कोई दूसरा, बिल्कुल अलग तरह का गाना (जैसे राष्ट्रगान या कोई भजन) सुनें। यह 'कवर' गाने की तरह काम करता है।

जबरदस्ती रोकने की कोशिश न करें: जितना आप गाने को दबाने की कोशिश करेंगे, वह उतना ही तेज बजेगा। इसे एक सामान्य प्रक्रिया मानकर नजरअंदाज करें, यह अपने आप शांत हो जाएगा।

क्या यह किसी मानसिक बीमारी का संकेत है?

ज्यादातर मामलों में इयरवॉर्म पूरी तरह सामान्य है। लेकिन, अगर कोई धुन हफ्तों तक आपके दिमाग से न निकले और आपकी नींद या काम को प्रभावित करने लगे, तो यह OCD (Obsessive Compulsive Disorder) या चिंता (Anxiety) का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है।