बीमारियां आपको नहीं, आप बीमारियों को न्योता दे रहे हैं, जानें वो 5 गलतियां जो आपकी सेहत पर पड़ रही हैं भारी
News India Live, Digital Desk: आज की इस भागदौड़ भरी जिंदगी में हम सब इतने मशगूल हो गए हैं कि हमें यह तक होश नहीं रहता कि हम क्या खा रहे हैं और कैसे खा रहे हैं। पहले के जमाने में कहा जाता था कि खाना शांति और तसल्ली से खाना चाहिए, लेकिन आज तो ब्रेकफास्ट ऑफिस जाते हुए रास्ते में होता है और डिनर मोबाइल या लैपटॉप की स्क्रीन देखते हुए।
सुनने में ये बातें बहुत छोटी लगती हैं, लेकिन हमारी ये अनजानी गलतियां शरीर को अंदर से खोखला बना रही हैं। आइए बात करते हैं उन आदतों की, जिन्हें आज ही सुधारने की जरूरत है।
1. खाते समय स्क्रीन से चिपके रहना (Mindless Eating)
हम में से 90% लोग खाना खाते समय या तो टीवी देखते हैं या फोन स्क्रॉल करते हैं। इससे हमारे दिमाग को यह पता ही नहीं चलता कि पेट कब भर गया। नतीजतन, हम अपनी भूख से ज्यादा खा लेते हैं और यह सीधा मोटापे (Obesity) को न्योता देता है। जब तक आप खाने के स्वाद और खुशबू को महसूस नहीं करेंगे, आपका शरीर उसे ठीक से पचा नहीं पाएगा।
2. बिना चबाए जल्दी-जल्दी निगलना
हमारा पाचन हमारे पेट में नहीं, बल्कि मुँह में शुरू होता है। जब हम जल्दी में खाना निगलते हैं, तो मुँह की लार (Saliva) उसमें ठीक से मिल नहीं पाती। इससे पेट को दोहरी मेहनत करनी पड़ती है, जिससे गैस, बदहजमी और पेट फूलने जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं। हर निवाले को कम से कम 25-30 बार चबाना चाहिए।
3. रात को बहुत देर से डिनर करना
ऑफिस से देरी से आने या रात को नेटफ्लिक्स देखने के चक्कर में हम अक्सर 10-11 बजे खाना खाते हैं। हमारा मेटाबॉलिज्म सूरज ढलने के साथ धीमा हो जाता है। रात को देर से खाने का मतलब है कि वह खाना पचने के बजाय पेट में रखा-रखा 'सड़ने' लगता है। कोशिश करें कि सोने से कम से कम 3 घंटे पहले आपका डिनर हो चुका हो।
4. नाश्ता (Breakfast) छोड़ देना
सुबह की जल्दबाजी में हम अक्सर एक कप चाय पीकर निकल जाते हैं। रातभर के लंबे उपवास के बाद हमारे शरीर को 'ईंधन' की जरूरत होती है। जब हम नाश्ता नहीं करते, तो दिनभर चिड़चिड़ापन रहता है और दोपहर में हम ज्यादा कैलोरी वाली चीजें खा लेते हैं। यह आदत लंबे समय में कमजोरी और डायबिटीज का कारण बन सकती है।
5. ज़रूरत से ज़्यादा चाय या कॉफी
काम के तनाव को कम करने के लिए हम बार-बार चाय या कॉफी का सहारा लेते हैं। खाली पेट कैफीन शरीर में एसिडिटी बढ़ाता है और आपकी नींद उड़ा देता है। नींद पूरी न होने से शरीर खुद को रिपेयर नहीं कर पाता, जिसका असर चेहरे की चमक और दिमागी एकाग्रता पर दिखता है।
चलते-चलते एक टिप:
सेहत सुधारने के लिए किसी जादू की पुड़िया की जरूरत नहीं है। बस कल से ही शांति से बैठकर, बिना किसी शोर-शराबे के अपना खाना खाइए। खाना आपके शरीर का हिस्सा तभी बनेगा जब आप उसे पूरे सम्मान के साथ खाएंगे। छोटे-छोटे बदलाव ही बड़ी खुशहाली लाते हैं!