महाकुंभ का शंखनाद, CM योगी ने खुली चिट्ठी लिखकर जनता को याद दिलाई ये बड़ी बात
News India Live, Digital Desk: कुंभ सिर्फ एक स्नान नहीं है, यह एक अहसास है। और इसी अहसास को शब्दों में पिरोते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम एक बहुत ही भावुक पत्र (Emotional Letter) लिखा है। उन्होंने साफ़ कर दिया है कि आने वाले दिन न सिर्फ यूपी के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के सनातन प्रेमियों के लिए ऐतिहासिक होने वाले हैं।
"यह संस्कृति प्रेमियों के लिए गौरव का क्षण है"
सीएम योगी ने अपने पत्र में लिखा है कि महाकुंभ की ध्वजा फहराने के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) खुद प्रयागराज आ रहे हैं। उन्होंने इसे "गौरवशाली क्षण" बताया है। जरा सोचिए, जिस मेले का इंतज़ार हम 12 साल करते हैं, उसकी शुरुआत इतनी भव्यता से हो रही है।
योगी जी ने बड़ी ही आत्मीयता से लिखा है, "यह हम सबके लिए अत्यंत आनंद और गर्व का विषय है।" उनकी बातों से साफ़ लग रहा है कि सरकार इस आयोजन को लेकर कितनी गंभीर और उत्साहित है। उनका मानना है कि यह आयोजन भारत की उस 'ऋषि परंपरा' का सम्मान है, जिसने सदियों से दुनिया को ज्ञान दिया है।
सिर्फ आयोजन नहीं, संकल्प है 'दिव्य और भव्य' कुंभ का
अक्सर सरकारी चिट्ठियां बहुत नीरस होती हैं, लेकिन इस पत्र में एक अलग ही जोश है। योगी आदित्यनाथ ने याद दिलाया कि 2019 का कुंभ पूरी दुनिया ने देखा था, लेकिन महाकुंभ 2025 (Mahakumbh 2025) उससे भी विशाल और व्यवस्थित होगा। उन्होंने इसे सफल बनाने के लिए पीएम मोदी के मार्गदर्शन को अहम बताया।
मुख्यमंत्री ने जनता से जुड़ते हुए कहा कि गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम पर जब दुनिया जुटेगी, तो वो नजारा "अद्भुत, अकल्पनीय और अविस्मरणीय" होगा। यानी साफ़ है, तैयारियां ऐसी हैं कि जो एक बार आएगा, वो ताउम्र इस अनुभव को भूल नहीं पाएगा।
जनता से क्या उम्मीद?
सीएम का यह संदेश सिर्फ सूचना देने के लिए नहीं है, बल्कि यह एक तरह का 'आमंत्रण' है। वो चाहते हैं कि हम और आप इस महा-उत्सव का हिस्सा बनें। उन्होंने इसे "मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर" बताया है। इसका मतलब है कि कुंभ सिर्फ़ साधु-संतों का नहीं, बल्कि हम सब गृहस्थों और युवाओं का भी पर्व है।