यूपी में अपना घर खरीदना हुआ और भी सुरक्षित, रेरा ने इन 7 बड़े प्रोजेक्ट्स को दी मंज़ूरी, मेरठ वालों की खुली लॉटरी
News India Live, Digital Desk : जब भी हम नया घर या प्लॉट देखने जाते हैं, तो सबसे पहले मन में सवाल आता है "क्या यह रेरा रजिस्टर्ड है?" ऐसा इसलिए क्योंकि यूपी रेरा अब खरीदारों के लिए एक मज़बूत ढाल बन चुका है। हालिया बैठक में प्राधिकरण ने मेरठ सहित 5 प्रमुख जिलों के 7 प्रोजेक्ट्स को रजिस्टर करने की अनुमति दे दी है।
किन जिलों में आएंगे ये प्रोजेक्ट्स?
मंज़ूरी मिलने के बाद अब मेरठ, आगरा, वाराणसी और लखनऊ जैसे शहरों में रियल एस्टेट को नई रफ्तार मिलने वाली है। इनमें रेजिडेंशियल यानी रहने के लिए अपार्टमेंट्स और प्लॉट्स के विकल्प शामिल हैं। रेरा की मंज़ूरी का मतलब सीधा सा है कि बिल्डर अब अपनी मनमानी नहीं कर पाएगा और आपको पजेशन के लिए सालों इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा।
मेरठ पर खास फोकस
मेरठ अब सिर्फ एक छोटा शहर नहीं रह गया है, बल्कि दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस (Rapid Rail) के आने के बाद यहाँ प्रॉपर्टी के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं। रेरा द्वारा नए प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी मिलने से उन लोगों को बड़ा फायदा होगा जो एनसीआर के पास एक व्यवस्थित और सुरक्षित कॉलोनी में घर ढूंढ रहे हैं।
क्यों ज़रूरी है रेरा रजिस्ट्रेशन?
रेरा के पास रजिस्टर होने के बाद बिल्डर को हर छोटी-बड़ी जानकारी—जैसे प्रोजेक्ट का ले-आउट, बैंक अकाउंट डिटेल और पूरा होने की तारीख—पोर्टल पर देनी पड़ती है। इससे धोखाधड़ी की संभावना खत्म हो जाती है। अगर बिल्डर काम समय पर पूरा नहीं करता, तो उस पर भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
मेरी एक छोटी सी सलाह:
अगर आप 2026 में प्रॉपर्टी में निवेश करने का सोच रहे हैं, तो इन नए 7 प्रोजेक्ट्स की पूरी लिस्ट यूपी रेरा की वेबसाइट पर ज़रूर देखें। बिना रेरा नंबर के किसी भी 'लुभावने' ऑफर के चक्कर में न आएं। ये जो नए सात प्रोजेक्ट आए हैं, वे न केवल निवेश का अच्छा मौका हैं बल्कि मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए भी एक सुरक्षित घर की गारंटी हैं।
उत्तर प्रदेश अब विकास के एक ऐसे दौर में है जहाँ रियल एस्टेट सेक्टर को साफ-सुथरा बनाने की कोशिश हो रही है। तो बस, थोड़ा शोध कीजिये और अपने सपनों के घर की चाबी पाने की ओर कदम बढाइये।