सुबह उठते ही आंखों में जलन और भारीपन? सिर्फ 5 मिनट का ये आयुर्वेदिक इलाज करेगा जादू जैसा असर
News India Live, Digital Desk : सच कहें तो हमारी आंखें दिन भर सबसे ज्यादा मेहनत करती हैं। सुबह उठते ही फोन चेक करने से लेकर देर रात तक टीवी या कंप्यूटर स्क्रीन पर नज़र गड़ाए रखने तक, उन्हें आराम का मौका ही नहीं मिलता। अगर आप भी शाम को अपनी आंखों में एक 'अजीब सा खिंचाव' महसूस करते हैं, तो समझिए आपकी आंखों को लाड़-प्यार (Extra Care) की ज़रूरत है।
1. गुलाब जल की जादुई बूंदें
आयुर्वेद में गुलाब जल को शीतल और आंखों के लिए बेहद शांत बताया गया है। अगर आपकी आंखें सूखी (Dry eyes) लगती हैं या उनमें हल्की लाली रहती है, तो रुई (Cotton ball) को शुद्ध गुलाब जल में भिगोकर पलकों पर 10-15 मिनट के लिए रखें। यकीन मानिए, इसे हटाने के बाद जो ठंडक महसूस होगी, वो किसी भी आई-ड्रॉप से बेहतर है।
2. हथेली की गर्माहट (पालमिंग)
जब आप बहुत देर तक स्क्रीन की नीली रोशनी (Blue light) देखते हैं, तो आंखें थक जाती हैं। ऐसे में बस अपनी दोनों हथेलियों को आपस में रगड़ें जब तक कि वे गर्म न हो जाएं। फिर धीरे से अपनी बंद आंखों पर इन्हें रखें। हथेलियों की ये 'नेचुरल हीट' आंखों की नसों को रिलैक्स करती है। यह काम आप ऑफिस में डेस्क पर बैठे-बैठे भी कर सकते हैं।
3. देसी घी का मसाज (एक छोटा सा सीक्रेट)
हो सकता है आपको सुनने में थोड़ा अजीब लगे, लेकिन पैरों के तलवों और आंखों की सेहत का गहरा नाता है। रात को सोने से पहले थोड़ा सा शुद्ध देसी घी अपने पैरों के तलवों पर रगड़ें। आयुर्वेद में इसे 'पदाभ्यंग' कहते हैं। यह आंखों की रोशनी सुधारने और दिन भर की थकान मिटाने में कमाल का असर दिखाता है।
4. ठंडे पानी के छपके
बहुत से लोग अपनी आंखों को सीधे तेज पानी की धार से धोते हैं, जो गलत है। सही तरीका ये है कि आप अपने मुंह में थोड़ा सा पानी भरें और फिर ठंडे पानी से धीरे-धीरे आंखों पर छपके मारें। इससे आंखों के आसपास के ब्लड सर्कुलेशन में सुधार होता है और आप फौरन ताज़ा महसूस करते हैं।
आंखें हमारी आत्मा की खिड़कियां होती हैं। मोबाइल को थोड़ा विश्राम दें और प्रकृति के इन सरल नियमों को अपनाएं। बस ये छोटी-छोटी आदतें आपकी आंखों की मुस्कान को सालों-साल तक बरकरार रखेंगी।