Bihar News: इंजीनियरिंग कॉलेज के हॉस्टल में छात्रा की मौत से कोहराम दहशत में लड़कियां, सामान समेटकर घर जाने की लगाई गुहार
News India Live, Digital Desk: गया के एक प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेज के हॉस्टल में एक छात्रा का शव मिलने के बाद परिसर में मातम और डर का माहौल है। छात्रा की मौत की खबर जैसे ही हॉस्टल की अन्य लड़कियों तक पहुँची, वहां अफरा-तफरी मच गई। स्थिति यह है कि अब छात्राएं हॉस्टल को असुरक्षित मान रही हैं और रोते हुए अपने घर वापस जाने की मांग कर रही हैं।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, छात्रा अपने कमरे में मृत पाई गई। जब काफी देर तक उसने दरवाजा नहीं खोला, तो सहेलियों ने वार्डन को सूचित किया। दरवाजा तोड़ने पर अंदर का दृश्य भयावह था। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हालांकि, मौत की असली वजह अभी साफ नहीं हो पाई है, लेकिन पुलिस इसे आत्महत्या और अन्य संभावित पहलुओं से जोड़कर देख रही है।
छात्राओं में डर और असुरक्षा का माहौल
इस घटना के बाद हॉस्टल की लड़कियों का गुस्सा और डर फूट पड़ा है। उनका कहना है कि:
खराब सुरक्षा व्यवस्था: छात्राओं का आरोप है कि हॉस्टल में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं और इस घटना ने उन्हें मानसिक रूप से तोड़ दिया है।
घर जाने की जिद: कई लड़कियां अपने परिजनों को फोन कर बुला रही हैं। उनका कहना है कि "हमें यहां डर लग रहा है, हम अब इस हॉस्टल में एक पल भी नहीं रहना चाहते।"
प्रशासन के खिलाफ नाराजगी: कॉलेज प्रशासन द्वारा ठोस आश्वासन न मिलने के कारण छात्राओं और परिजनों में भारी आक्रोश है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच के बिंदु
गया पुलिस मामले की गहराई से छानबीन कर रही है। जांच मुख्य रूप से इन 3 बिंदुओं पर टिकी है:
पोस्टमार्टम रिपोर्ट: मौत का सही समय और कारण जानने के लिए मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार है।
मोबाइल और डायरी: छात्रा के कॉल रिकॉर्ड्स और निजी डायरी की जांच की जा रही है ताकि किसी भी प्रकार के तनाव या 'रैगिंग' के एंगल का पता लगाया जा सके।
सीसीटीवी फुटेज: हॉस्टल के कॉरिडोर और एंट्री गेट के फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
कॉलेज प्रशासन का पक्ष
कॉलेज प्रबंधन ने इसे एक अत्यंत दुखद घटना बताया है और जांच में पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया है। उन्होंने छात्राओं को शांत रहने और हॉस्टल न छोड़ने की अपील की है, लेकिन डरी हुई छात्राओं के सामने प्रबंधन की सारी दलीलें बेअसर साबित हो रही हैं