विदेश जाने वालों के लिए बड़ी राहत ,अब जर्मनी में नहीं फंसेगी आपकी फ्लाइट, समझें क्या है ये नया ट्रांजिट वीजा नियम
News India Live, Digital Desk: आजकल जब हम और आप विदेश यात्रा की प्लानिंग करते हैं, तो टिकट बुक करते समय सबसे बड़ी चिंता यह होती है कि कहीं बीच के किसी देश में 'ट्रांजिट वीजा' तो नहीं लगेगा? हाल ही में जर्मनी ने भारतीयों के लिए इन नियमों में कुछ ऐसी ढील दी है, जिसे सुनकर किसी भी मुसाफिर के चेहरे पर मुस्कान आ जाए। लेकिन सवाल ये है कि आखिर ये Transit Visa बला क्या है और जर्मनी ने हमारे लिए क्या नया किया है?
आसान भाषा में क्या है ट्रांजिट वीजा?
मान लीजिए आप दिल्ली से अमेरिका (US) जा रहे हैं और आपकी फ्लाइट जर्मनी के फ्रैंकफर्ट या म्यूनिख एयरपोर्ट पर रुकती है। वहां आपको बस एक फ्लाइट से उतरकर दूसरी फ्लाइट पकड़नी है, यानी आप उस देश के बाहर नहीं जाएंगे। ऐसी स्थिति में, उस एयरपोर्ट के इंटरनेशनल एरिया में कुछ घंटे बिताने के लिए जो 'टेंपरेरी परमिशन' चाहिए होती है, उसे ही Airport Transit Visa (ATV) कहते हैं। कई बार लोग इसके बिना एयरपोर्ट पर ही फंस जाते हैं और उन्हें बोर्डिंग से मना कर दिया जाता है।
भारत और जर्मनी के बीच अब क्या बदल गया?
खबर ये है कि अब भारतीय पासपोर्ट धारकों को जर्मनी से गुजरते वक्त हर बार ट्रांजिट वीजा की जरूरत नहीं पड़ेगी। अगर आपके पास पहले से ही US, Canada, Japan या किसी शेंगेन (Schengen) देश का वैलिड वीजा है या वहां की रेजिडेंसी है, तो आप जर्मनी के एयरपोर्ट पर बिना किसी एक्स्ट्रा वीजा के ट्रांजिट कर सकते हैं।
ये बदलाव सिर्फ एक तकनीकी नियम नहीं है, बल्कि यह दिखाता है कि भारत और जर्मनी के बीच कूटनीतिक और आर्थिक रिश्ते कितने मजबूत हो रहे हैं। जर्मनी अब भारत के टैलेंट और पर्यटकों को अपने यहाँ एक बोझ की तरह नहीं, बल्कि एक अहम साथी की तरह देख रहा है।
इस बदलाव से आपको क्या फायदा होगा?
सबसे पहली बात—तनाव कम होगा! कई बार वीजा मिलने में देरी की वजह से लोगों की कनेक्टिंग फ्लाइट मिस हो जाती थी। दूसरा बड़ा फायदा ये है कि अब आपको ट्रांजिट वीजा की भारी-भरकम फीस और कागजी कार्रवाई से आजादी मिल जाएगी। अगर आप स्टूडेंट हैं या काम के सिलसिले में अक्सर बाहर जाते हैं, तो ये नियम आपके लिए किसी तोहफे से कम नहीं है।
कुछ छोटी मगर जरूरी बातें
ध्यान रखिएगा कि ये नियम तभी लागू होता है जब आप एयरपोर्ट के International Transit Area से बाहर नहीं निकल रहे हों। अगर आप एयरपोर्ट से बाहर निकलकर शहर घूमना चाहते हैं, तो आपको अभी भी 'नॉर्मल शेंगेन वीजा' की जरूरत होगी।
कुल मिलाकर, जर्मनी का ये कदम उन लाखों भारतीयों के लिए सुकून लेकर आया है जो ग्लोबल ट्रेवलर हैं। इससे न सिर्फ समय बचेगा बल्कि विदेश जाने का हमारा अनुभव और भी स्मूद हो जाएगा।