Strait of Hormuz Crisis : जंग के बीच चीन और रूस पर मेहरबान हुआ ईरान तेल के लिए खोला हॉर्मूज स्ट्रेट, बाकी दुनिया के लिए रास्ता बंद

Post

News India Live, Digital Desk : ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि होर्मुज जलडमरूमध्य अब पूरी तरह से उनके 'पूर्ण नियंत्रण' में है। तेहरान ने इसे बीजिंग और मॉस्को द्वारा युद्ध के दौरान दिए गए राजनयिक और आर्थिक समर्थन के प्रति "रणनीतिक आभार" (Strategic Gesture of Gratitude) बताया है।

1. केवल चीन और रूस को अनुमति (Exclusive Access)

चीन के लिए रियायत: ईरान ने घोषणा की है कि अब केवल चीनी जहाजों और तेल टैंकर्स को ही इस मार्ग से गुजरने की अनुमति दी जाएगी। चीन ईरान के तेल का सबसे बड़ा खरीदार है और इस संकट में ईरान के साथ खड़ा रहा है।

रूस को भी छूट: रिपोर्ट्स के अनुसार, रूसी जहाजों को भी इस वीआईपी कॉरिडोर का उपयोग करने की अनुमति दी गई है।

अन्य देशों पर पाबंदी: पश्चिमी देशों, अमेरिका के सहयोगियों और अन्य तटस्थ देशों के जहाजों के लिए यह रास्ता प्रभावी रूप से बंद कर दिया गया है।

2. भारत के लिए बड़ा झटका (Impact on India)

ईरान के इस फैसले से भारत की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं:

सप्लाई चेन प्रभावित: भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों (कच्चा तेल और LNG) का एक बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों (सऊदी अरब, इराक, यूएई, कतर) से पूरा करता है, जो इसी मार्ग से होकर आता है।

रूस का ऑफर: इस संकट के बीच रूस ने भारत को प्रस्ताव दिया है कि यदि मध्य पूर्व से तेल की आपूर्ति बाधित होती है, तो वह भारत की पूरी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार है।

भारत का सुरक्षा कवच: सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारत के पास वर्तमान में 74 दिनों का रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (Strategic Petroleum Reserve) मौजूद है, जो किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए शुरुआती राहत प्रदान करेगा।

3. 'आग लगा देंगे' की चेतावनी (The Warning)

ईरानी कमांडर इब्राहिम जबारी ने कड़े शब्दों में चेतावनी जारी की है:

कठोर कार्रवाई: उन्होंने कहा कि यदि कोई भी 'अनधिकृत' जहाज (Unauthorized Vessel) इस मार्ग से गुजरने की कोशिश करेगा, तो ईरानी नौसेना उस पर सीधा हमला करेगी या उसे आग के हवाले कर देगी।

ड्रोन और मिसाइल तैनात: जलडमरूमध्य के संकरे रास्ते पर ईरान ने अपनी मिसाइल प्रणालियों और आत्मघाती ड्रोनों को हाई अलर्ट पर रखा है।

4. वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर (Global Impact)

तेल की कीमतें: इस 'चयनात्मक नाकेबंदी' (Selective Blockade) के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार जाने का खतरा पैदा हो गया है।

700 टैंकर्स फंसे: रिपोर्ट्स के अनुसार, इस जलमार्ग के बाहर लगभग 700 तेल टैंकर फंसे हुए हैं और समुद्र में भारी ट्रैफिक जाम लग गया है क्योंकि बीमा कंपनियों ने इस क्षेत्र में कवरेज देने से मना कर दिया है।

5. अमेरिका और इजरायल की प्रतिक्रिया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखने के लिए अमेरिकी नौसेना जरूरत पड़ने पर हस्तक्षेप करेगी। अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान के सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमलों की आशंका भी बनी हुई है।