ब्रिटेन की राजनीति में बड़ा भूचाल एपस्टीन केस की आंच में घिरे PM स्टार्मर, चीफ ऑफ स्टाफ का अचानक इस्तीफा

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News India Live, Digital Desk: कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन (Jeffrey Epstein) से जुड़े खुलासों ने अब सात समंदर पार ब्रिटेन की सत्ता को हिला कर रख दिया है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर (Keir Starmer) की सबसे करीबी भरोसेमंद और उनकी चीफ ऑफ स्टाफ (Chief of Staff) ने अपने पद से अचानक इस्तीफा दे दिया है। इस इस्तीफे के बाद लंदन से लेकर वाशिंगटन तक राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। विपक्ष ने सरकार को घेरते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज कर दी है।

एपस्टीन केस से कैसे जुड़े तार?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, एपस्टीन मामले से जुड़े नए दस्तावेजों के सार्वजनिक होने के बाद से ही ब्रिटेन की लेबर सरकार पर दबाव बढ़ रहा था। सूत्रों का दावा है कि प्रधानमंत्री की टीम के कुछ सदस्यों के नाम उन संपर्कों में शामिल थे, जो एपस्टीन के हाई-प्रोफाइल नेटवर्क का हिस्सा थे। हालांकि इस्तीफे का आधिकारिक कारण 'व्यक्तिगत' और 'प्रशासनिक' बताया जा रहा है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषक इसे सीधे तौर पर एपस्टीन कांड से पैदा हुए विवाद से जोड़कर देख रहे हैं।

प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के लिए बड़ी चुनौती

अभी कुछ समय पहले ही सत्ता संभालने वाले कीर स्टार्मर के लिए यह किसी बड़े झटके से कम नहीं है। चीफ ऑफ स्टाफ का पद ब्रिटिश प्रशासन में बेहद महत्वपूर्ण होता है और इस इस्तीफे ने डाउनिंग स्ट्रीट (10 Downing Street) की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।

विपक्ष का हमला: कंजर्वेटिव पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया है कि सरकार जनता से सच छिपा रही है। उन्होंने संसद में इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण मांगा है कि क्या सरकार के भीतर और भी ऐसे लोग हैं जिनका नाम इस कुख्यात केस से जुड़ा हो सकता है?

क्या है जेफ्री एपस्टीन मामला?

जेफ्री एपस्टीन एक अमेरिकी अरबपति था जिस पर नाबालिगों की तस्करी और यौन शोषण का जाल बिछाने का आरोप था। उसने 2019 में जेल में आत्महत्या कर ली थी, लेकिन उसके पास मौजूद 'क्लाइंट लिस्ट' में दुनिया के कई शक्तिशाली राजनेताओं, उद्योगपतियों और रॉयल फैमिली के सदस्यों के नाम शामिल होने का दावा किया जाता रहा है।