गाजा में शांति के लिए पाकिस्तान का बड़ा कदम पहले Gaza Peace Board शिखर सम्मेलन में होगा शामिल
News India Live, Digital Desk: मध्य पूर्व (Middle East) में बढ़ते तनाव और गाजा में मानवीय संकट के बीच पाकिस्तान ने एक बड़ा कूटनीतिक फैसला लिया है। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान 'गाजा शांति बोर्ड' (Gaza Peace Board) के उद्घाटन शिखर सम्मेलन में आधिकारिक रूप से शामिल होने जा रहा है। इस कदम को वैश्विक मंच पर पाकिस्तान की सक्रिय वापसी और मुस्लिम जगत में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
शांति बहाली के लिए बनेगा ग्लोबल प्लेटफॉर्म
'गाजा शांति बोर्ड' का उद्देश्य गाजा में जारी संघर्ष को समाप्त करने और वहां मानवीय सहायता पहुँचाने के लिए एक स्थायी समाधान तलाशना है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इस सम्मेलन में शामिल होकर फिलिस्तीन के मुद्दे पर देश का पक्ष मजबूती से रखेंगे। यह शिखर सम्मेलन इस मायने में महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें कई शक्तिशाली मुस्लिम राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय संगठन एक मेज पर होंगे।
पाकिस्तान के शामिल होने के मायने
विशेषज्ञों का मानना है कि इस सम्मेलन में शामिल होकर पाकिस्तान निम्नलिखित लक्ष्यों को साधना चाहता है:
मानवीय सहायता: गाजा के पीड़ितों तक दवाएं और भोजन पहुँचाने के लिए सुरक्षित कॉरिडोर की वकालत।
दो-राष्ट्र समाधान: इजरायल-फिलिस्तीन विवाद के स्थायी समाधान के लिए अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाना।
डिप्लोमैटिक पकड़: आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए वैश्विक कूटनीति में खुद को 'शांतिदूत' के रूप में पेश करने का मौका।
शिखर सम्मेलन के मुख्य बिंदु
सूत्रों का दावा है कि इस बोर्ड की पहली बैठक में युद्धविराम (Ceasefire) के रोडमैप पर चर्चा होगी। पाकिस्तान के साथ-साथ सऊदी अरब, तुर्किये और कतर जैसे देशों की भूमिका भी इसमें अहम रहने वाली है। हालांकि, अभी तक सम्मेलन की सटीक तारीख और स्थान का आधिकारिक ऐलान होना बाकी है, लेकिन पाकिस्तान की रजामंदी ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया का ध्यान खींच लिया है।
विशेषज्ञ की राय: “गाजा शांति बोर्ड में पाकिस्तान की मौजूदगी यह दर्शाती है कि वह केवल क्षेत्रीय राजनीति तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि वैश्विक मानवीय संकटों में भी नेतृत्व करने को तैयार है।”