यूपी की राजनीति में बड़ा दिन क्या पश्चिमी यूपी के नेताओं की आज चमकने वाली है किस्मत? योगी कैबिनेट में बड़ा फेरबदल तय
News India Live, Digital Desk : आज उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सरगर्मी काफी तेज है। एक तरफ जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी कैबिनेट की बड़ी बैठक बुलाई है, वहीं दूसरी तरफ आम लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों यानी उनकी 'वोटिंग पर्ची' को लेकर एक बहुत बड़ा अपडेट आया है। आज का दिन न केवल सरकार के लिए, बल्कि आम जनता के लिए भी 'हार्टबीट' बढ़ा देने वाला साबित हो सकता है।
योगी कैबिनेट में क्या होगा आज?
सियासी गलियारों में चर्चा जोरों पर है कि आज की बैठक महज़ कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगी। माना जा रहा है कि योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल विस्तार (UP Cabinet Expansion) को लेकर कोई बड़ा ऐलान कर सकते हैं। सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस बार 'पश्चिम उत्तर प्रदेश' के हिस्से बड़ी ज़िम्मेदारी आ सकती है। चर्चा है कि पश्चिमी यूपी के कुछ अनुभवी चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह दी जा सकती है ताकि वहां के राजनीतिक समीकरणों को और मजबूत किया जा सके। सस्पेंस इस बात को लेकर भी है कि पुराने मंत्रियों में से किसे नई भूमिका मिलेगी और किसे अपनी जगह गंवानी पड़ेगी।
मतदाता सूची का 'शॉक': कट गए करोड़ों नाम
सरकार की हलचल अपनी जगह है, लेकिन यूपी में एक और बड़े काम 'SIR' (वोटर लिस्ट सर्वे और सुधार) को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। खबर आ रही है कि राज्य में करीब 2.89 करोड़ लोगों का नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है। आप सोच सकते हैं कि यह कितना बड़ा आंकड़ा है!
दरअसल, यह वो लोग हैं जिन्होंने दिए गए समय में अपना एसआईआर फॉर्म (SIR Form) जमा नहीं किया था। सरकार ने एक तय वक्त दिया था, जिसमें करोड़ों लोग अपनी डिटेल्स देने से चूक गए। नतीजा यह हुआ कि वेरिफिकेशन न होने के कारण उनके नाम वोटर लिस्ट से डिलीट कर दिए गए।
आज चुनाव आयोग 'ड्राफ्ट मतदाता सूची' (Draft Voter List UP 2026) जारी करने जा रहा है। अगर आप भी यूपी में रहते हैं और पिछली बार आपने वोट दिया था, तो इस नई लिस्ट में अपना नाम देखना बहुत ज़रूरी हो गया है। कहीं ऐसा न हो कि फॉर्म जमा न करने की वजह से आपका नाम भी उन करोड़ों लोगों की लिस्ट में शामिल हो गया हो, जिनके वोटिंग कार्ड अब पुराने हो चुके हैं।
कहते हैं कि यूपी की राजनीति में हर दिन एक नई कहानी लिखता है, लेकिन आज की कहानी कुछ ज्यादा ही अहम है। एक तरफ सरकार में नया उत्साह दिखेगा और दूसरी तरफ करीब 3 करोड़ वोटर्स के कम होने का ये डेटा चुनावी मैदान का पूरा रुख बदल सकता है। शाम तक आने वाले फैसले साफ़ कर देंगे कि यूपी के सियासी मैप पर अगला बड़ा खिलाड़ी कौन होगा!