Bhilawa Benefits : जिसे धोबी नट समझते हैं, वो असल में मर्दों के लिए है किसी वरदान से कम नहीं

Post

News India Live, Digital Desk : हमारी प्रकृति में ऐसी हज़ारों जड़ी-बूटियां छिपी हैं, जिनके बारे में हम या तो जानते नहीं हैं या उन्हें खरपतवार समझकर नज़रअंदाज़ कर देते हैं। आज मैं आपको एक ऐसे ही फल के बारे में बताने जा रहा हूँ जिसे आयुर्वेद में 'महाऔषधि' माना गया है, लेकिन आम लोग इसे छूने से भी डरते हैं।

इस फल का नाम है  भिलावा (Bhilawa) या आम भाषा में इसे 'मार्किंग नट' (Marking Nut) भी कहते हैं। पुराने ज़माने में धोबी कपड़ों पर निशान लगाने के लिए इसके रस का इस्तेमाल करते थे, लेकिन हकीकत यह है कि यह सेहत का खज़ाना है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि यह हमारे किस काम आ सकता है।

सावधानी हटी, दुर्घटना घटी: पहले इसे समझ लें
सबसे पहले एक डिस्क्लेमर (जरूरी बात) सुन लीजिए। भिलावा स्वभाव से बेहद गर्म और तीखा होता है। इसे कभी भी सीधे पेड़ से तोड़कर या कच्चा खाने की गलती न करें। कच्चा भिलावा ज़हरीला हो सकता है और त्वचा पर छाले डाल सकता है। आयुर्वेद में हमेशा 'शुद्ध भिलावा' (जिसका शोधन किया गया हो) ही इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए इसे हमेशा किसी जानकार वैद्य की सलाह से ही लें।

1. मर्दाना ताकत और कमजोरी के लिए
आयुर्वेद की पुरानी किताबों में भिलावा को पुरुषों की सेहत के लिए 'अमृत' जैसा बताया गया है। माना जाता है कि अगर इसका सही तरीके और सही मात्रा में (दूध या मलाई के साथ) सेवन किया जाए, तो यह शारीरिक कमजोरी को दूर करता है और स्टैमिना (Stamina) को गजब तरीके से बढ़ाता है। यह शुक्र धातु को पुष्ट करने में मदद करता है।

2. वात रोगों (जोड़ों के दर्द) का दुश्मन
अगर घर में किसी बड़े-बुजुर्ग को गठिया (Arthritis) या जोड़ों के दर्द की शिकायत है, तो भिलावा उनके लिए रामबान साबित हो सकता है। इसकी तासीर गर्म होती है, जो शरीर के अंदर छिपी 'वात' यानी दर्द वाली हवा को ख़त्म करती है। इसका तेल या इससे बनी दवाएं पुराने से पुराने साइटिका और घुटनों के दर्द में राहत देती हैं।

3. दमा और खांसी (सांस की तकलीफ)
सर्दियों में जिन लोगों को पुरानी खांसी, दमा या कफ जमने की शिकायत रहती है, उनके लिए भिलावा एक बेहतरीन हीटर का काम करता है। यह छाती में जमे बलगम को पिघलाकर बाहर निकालता है और सांस की नली को साफ करता है।

4. पेट और बवासीर (Piles) की समस्या
शायद आप न जानते हों, लेकिन बवासीर (Piles) की आयुर्वेदिक दवाओं में भिलावा एक प्रमुख घटक (ingredient) होता है। यह पाचन तंत्र को मजबूत करता है और पेट के कीड़ों को भी मारता है। जिन्हें भूख कम लगती है, उनके लिए भी यह फायदेमंद है।

आखिरी और ज़रूरी सलाह
दोस्तों, भिलावा एक बहुत ही शक्तिशाली औषधि है। इसे 'सप्लीमेंट' की तरह नहीं, बल्कि 'दवा' की तरह ही लेना चाहिए। बाजार में मिलने वाले शुद्ध भिलावा का ही प्रयोग करें और हमेशा डॉक्टर या वैद्य से मात्रा (Dosage) पूछकर ही लें, क्योंकि गर्म होने के कारण यह सबको सूट नहीं करता।

कुदरत की इस नियामत का सम्मान करें और सेहतमंद रहें