नाखून पर दिखने वाली ये काली लकीर मजाक नहीं, हो सकती है गंभीर बीमारी का संकेत!

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Black line on nail : क्या आपने कभी अपने नाखून पर एक पतली सी काली या भूरे रंग की धारी देखी है? ज्यादातर लोग इसे देखकर सोचते हैं, "शायद कहीं चोट लग गई होगी" और इसे नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह मामूली सी दिखने वाली लकीर कभी-कभी आपके शरीर की तरफ से एक बड़ी चेतावनी हो सकती है? इसे हल्के में लेना एक बड़ी भूल साबित हो सकती है।

एक महिला ने मजाक में फोटो डाली, और लोगों ने कहा- "तुरंत डॉक्टर के पास जाओ!"

कुछ समय पहले, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर एक महिला ने अपने अंगूठे के नाखून की फोटो शेयर की, जिस पर एक हल्की सी काली लकीर थी। उसने इसे बस एक मजेदार चीज समझकर पोस्ट कर दिया। लेकिन जैसे ही लोगों ने फोटो देखी, कमेंट्स की बाढ़ आ गई। ज्यादातर लोगों ने उसे चेतावनी देते हुए कहा, "यह स्किन कैंसर (मेलानोमा) का शुरुआती लक्षण हो सकता है, मजाक में मत लो और फौरन डॉक्टर को दिखाओ!" इस एक पोस्ट ने लाखों लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि क्या उनके नाखून पर बनी ऐसी लकीर भी खतरनाक हो सकती है।

आखिर क्या है नाखून पर बनी इस काली लकीर का सच?

सबसे पहले, घबराएं नहीं। मेडिकल भाषा में इसे "मेलानोनीकिया" (Melanonychia) कहते हैं। 90% मामलों में यह पूरी तरह से सामान्य और हानिरहित होती है।

इसके सामान्य कारण क्या हो सकते हैं?

  • चोट लगना: अगर आपके नाखून पर कोई भारी चीज गिर जाए या नाखून दरवाजे में दब जाए, तो ऐसी लकीर बन सकती है।
  • पोषक तत्वों की कमी: शरीर में आयरन या विटामिन B12 जैसे जरूरी पोषक तत्वों की कमी होने पर भी यह दिख सकता है।
  • दवाओं का असर: कुछ खास दवाएं भी इसका कारण बन सकती हैं।
  • हार्मोनल बदलाव: गर्भावस्था के दौरान भी कई महिलाओं के नाखून पर ऐसी धारियां बन जाती हैं।

गहरे रंग की त्वचा वाले लोगों में, जैसे कि हम भारतीयों में, इसका दिखना और भी आम है।

तो फिर खतरा कब है? इसे कैसे पहचानें?

चिंता की बात तब होती है, जब यह लकीर सिर्फ एक ही नाखून पर दिखे और समय के साथ बदल रही हो। यह "सबंगुअल मेलानोमा" (Subungual Melanoma) नाम के एक दुर्लभ लेकिन गंभीर स्किन कैंसर का संकेत हो सकता है, जो नाखून के नीचे पनपता है।

खतरे की घंटी बजाने वाले 5 लक्षण (ABCDE Rule):

डॉक्टर इसे जांचने के लिए एक आसान ABCDE नियम बताते हैं:

  1. A (Asymmetry): लकीर का आकार टेढ़ा-मेढ़ा या अजीब सा हो।
  2. B (Border): इसके किनारे फैले हुए या धुंधले हों।
  3. C (Color): इसका रंग बदल रहा हो या एक ही लकीर में कई शेड्स हों।
  4. D (Diameter): इसकी चौड़ाई 3 मिलीमीटर से ज्यादा हो।
  5. E (Evolving): समय के साथ लकीर का आकार, रंग या रूप बदल रहा हो।

अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई दे, तो घरेलू नुस्खे आजमाने या इंतजार करने की गलती न करें। तुरंत किसी अच्छे स्किन के डॉक्टर (Dermatologist) को दिखाएं। बायोप्सी जैसी छोटी सी जांच से यह पता चल जाता है कि यह सामान्य है या चिंता की बात। याद रखिए, अगर इसे जल्दी पकड़ लिया जाए, तो इलाज बहुत आसान होता है।

अपनी सेहत को नजरअंदाज न करें, क्योंकि शरीर अक्सर छोटे-छोटे संकेतों से ही हमें बड़ी बीमारियों से आगाह करता है।