Chhattisgarh : दंतेवाड़ा में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी 5 लाख का इनामी नक्सली ढेर डेडलाइन से पहले नक्सलियों के खात्मे का अभियान तेज
News India Live, Digital Desk: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा (Dantewada) जिले में सुरक्षाबलों ने एक बड़ी मुठभेड़ में 5 लाख रुपये के इनामी नक्सली को मार गिराया है। यह कार्रवाई बुधवार (4 मार्च 2026) की रात को हुई, जब पुलिस की संयुक्त टीम सर्च ऑपरेशन पर निकली थी। गृह मंत्री अमित शाह द्वारा निर्धारित 31 मार्च 2026 की डेडलाइन से पहले राज्य में नक्सलियों के खिलाफ "फाइनल प्रहार" जारी है।
गीदम के जंगलों में खूनी मुठभेड़
दंतेवाड़ा एसपी गौरव राय के अनुसार, पुलिस को सटीक सूचना मिली थी कि गीदम थाना क्षेत्र के गुमलनार और गिरसापारा की पहाड़ियों में कुछ नक्सली हथियारों के साथ छिपे हुए हैं।
संयुक्त टीम की कार्रवाई: डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) और बस्तर फाइटर्स की एक संयुक्त टीम ने इलाके की घेराबंदी शुरू की।
अंधाधुंध फायरिंग: रात करीब 8:30 से 9:00 बजे के बीच 8-10 हथियारबंद नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसके बाद नक्सली घने जंगल और अंधेरे का फायदा उठाकर भागने लगे।
राजेश पुनेम: 5 लाख का इनामी और भैरमगढ़ कमेटी का सदस्य
मुठभेड़ के बाद जब इलाके की तलाशी ली गई, तो एक नक्सली का शव बरामद हुआ। उसकी पहचान राजेश पुनेम के रूप में हुई है, जो बीजापुर जिले के बुर्जी गांव का रहने वाला था।
भैरमगढ़ एरिया कमेटी: राजेश नक्सली संगठन की भैरमगढ़ एरिया कमेटी का सक्रिय सदस्य था और उस पर 5 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
हथियारों का जखीरा बरामद: मौके से सुरक्षाबलों ने एक SLR (सेल्फ लोडिंग राइफल), एक इंसास (INSAS) राइफल, एक पिस्टल, वॉकी-टॉकी सेट और भारी मात्रा में जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
31 मार्च की डेडलाइन: बस्तर में अब तक 26 नक्सली ढेर
केंद्र सरकार ने 31 मार्च 2026 तक देश से वामपंथी उग्रवाद (LWE) को पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य रखा है। इसी दिशा में बस्तर संभाग में अभियान तेज कर दिए गए हैं:
इस साल का आंकड़ा: जनवरी 2026 से अब तक छत्तीसगढ़ में अलग-अलग मुठभेड़ों में 26 नक्सलियों को ढेर किया जा चुका है।
समर्पण और पुनर्वास: हाल ही में महासमुंद में 15 नक्सलियों ने एक साथ आत्मसमर्पण किया था, जिससे 'रेड कॉरिडोर' के कमजोर होने के संकेत मिल रहे हैं।
सुरक्षाबलों का मनोबल: एसपी गौरव राय ने बताया कि राजेश पुनेम का मारा जाना नक्सलियों की भैरमगढ़ कमेटी के लिए एक बड़ा झटका है। इलाके में सर्चिंग अभी भी जारी है