Bangladesh Election Violence : वोटिंग के बीच लहूलुहान हुई ढाका की सड़कें, BNP और जमात समर्थकों की पुलिस से भीषण भिड़ंत
News India Live, Digital Desk: पड़ोसी देश बांग्लादेश में आम चुनाव के दौरान लोकतंत्र का उत्सव हिंसा के साये में दब गया है। मतदान शुरू होते ही देश के विभिन्न हिस्सों से आगजनी, पत्थरबाजी और हिंसक झड़पों की खबरें सामने आ रही हैं। मुख्य विपक्षी दल बीएनपी (BNP) और जमात-ए-इस्लामी के कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में दर्जनों लोगों के घायल होने की खबर है। कई मतदान केंद्रों पर बम फेंके जाने के बाद वोटिंग रोकनी पड़ी है।
जल उठा बांग्लादेश: मतदान केंद्रों पर आगजनी और बमबाजी
राजधानी ढाका समेत चटगाँव और राजशाही जैसे प्रमुख शहरों में तनाव चरम पर है। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव का बहिष्कार करते हुए कई जगहों पर सड़कों को जाम कर दिया और सरकारी वाहनों को आग के हवाले कर दिया। रिपोर्ट के अनुसार, अज्ञात हमलावरों ने मतदान केंद्रों को निशाना बनाकर कच्चे बमों (Crude Bombs) से हमला किया, जिससे मतदाताओं के बीच भगदड़ मच गई।
सुरक्षा बलों का एक्शन, कई इलाकों में कर्फ्यू जैसे हालात
बढ़ती हिंसा को देखते हुए बांग्लादेशी सुरक्षा बलों (BGB) और पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया है। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को रबर की गोलियां और आंसू गैस के गोले दागने पड़े। चुनाव आयोग के निर्देश पर संवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त सैन्य टुकड़ियों को तैनात किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि उपद्रवियों के खिलाफ 'देखते ही गोली मारने' (Shoot-at-sight) जैसे सख्त आदेश दिए जा सकते हैं ताकि मतदान प्रक्रिया पूरी कराई जा सके।
विपक्ष का चुनाव बहिष्कार और 'टोटल शटडाउन' का आह्वान
विपक्षी गठबंधन ने इस चुनाव को 'एकतरफा' करार देते हुए जनता से घरों में रहने की अपील की है। बीएनपी के नेताओं का आरोप है कि सत्ताधारी पार्टी धांधली कर रही है और उनके कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है। वहीं, शेख हसीना सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि विपक्ष देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहा है।
विदेशी पर्यवेक्षकों की नजर: अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और विदेशी पर्यवेक्षकों ने बांग्लादेश में बिगड़ते हालातों पर चिंता जताई है। इस हिंसा का असर आने वाले दिनों में भारत-बांग्लादेश संबंधों और क्षेत्रीय स्थिरता पर भी पड़ सकता है।