Ayurvedic Secrets : क्या वाकई हमारे भीतर छुपा है पूरा ब्रह्मांड? जानें वो 5 शक्तियां जिनसे आप और हम बने हैं
News India Live, Digital Desk : हमारा शरीर एक मशीन की तरह तो दिखता है, लेकिन हकीकत में यह कुदरत की एक बहुत ही पेचीदा कलाकारी है। जब हम पंच तत्वों की बात करते हैं, तो इसका सीधा मतलब है पृथ्वी (Earth), जल (Water), अग्नि (Fire), वायु (Air) और आकाश (Space)। अगर इनमें से एक भी तत्व ऊपर-नीचे हुआ, तो हमारा शरीर और मन, दोनों रास्ते से भटक जाते हैं।
1. पृथ्वी तत्व (धैर्य और मजबूती):
हमारी हड्डियाँ और माँस इसी तत्व की देन हैं। ज्योतिष में मंगल और बुध को इससे जोड़कर देखा जाता है। जिन लोगों का पृथ्वी तत्व मजबूत होता है, वो बहुत ही 'डाउन टू अर्थ' और समझदार होते हैं। अगर आप बार-बार तनाव लेते हैं, तो शायद आपके शरीर में इसी तत्व की कमी है।
2. जल तत्व (भावनाएं और शीतलता):
हमारे शरीर में लगभग 70% पानी है। यह हमारे खून और भावनाओं का प्रतीक है। इसका संबंध चंद्रमा और शुक्र से है। जब जल तत्व संतुलित होता है, तो इंसान के चेहरे पर चमक और मन में सुकून रहता है।
3. अग्नि तत्व (ऊर्जा और पाचन):
शरीर में जो गर्मी और खाना पचाने की ताकत है, वो अग्नि तत्व है। इसका सीधा कनेक्शन सूर्य और मंगल से है। अगर आपको ज्यादा गुस्सा आता है या एसिडिटी रहती है, तो समझिए आपके अंदर की अग्नि अनकंट्रोल हो रही है।
4. वायु तत्व (विचार और गति):
हमारा सांस लेना और दिमाग में उमड़ने वाले विचार इसी तत्व से जुड़े हैं। वायु तत्व का मालिक शनि और राहु को माना जाता है। अगर आप बहुत ज्यादा सोचते हैं या फेफड़ों की दिक्कत है, तो आपको अपनी श्वास क्रिया यानी प्राणायाम पर ध्यान देना चाहिए।
5. आकाश तत्व (चेतना और सुकून):
यह हमारे शरीर का खाली हिस्सा है जहाँ ऊर्जा रहती है। इसका संबंध गुरु (बृहस्पति) से है। ध्यान और मंत्रों के जरिए हम इसी आकाश तत्व को शुद्ध करते हैं, जो हमें ईश्वरीय शक्ति से जोड़ता है।