कानपुर यूनिवर्सिटी में सनसनी प्रोफेसर की बेटी से छेड़छाड़ और दुष्कर्म का प्रयास, कैंपस की सुरक्षा पर उठे बड़े सवाल
News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश के औद्योगिक नगर कानपुर से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। शहर की प्रतिष्ठित छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के सुरक्षित माने जाने वाले कैंपस के भीतर एक प्रोफेसर की बेटी के साथ छेड़छाड़ और दुष्कर्म के प्रयास की वारदात हुई है। इस घटना ने न केवल विश्वविद्यालय प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है, बल्कि कैंपस में रहने वाले सैकड़ों परिवारों और छात्राओं में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है।
कैंपस के भीतर सुरक्षित नहीं बेटियां?
जानकारी के मुताबिक, पीड़ित युवती विश्वविद्यालय परिसर में ही स्थित शिक्षक आवास में अपने परिवार के साथ रहती है। घटना उस वक्त हुई जब वह कैंपस के भीतर ही किसी काम से जा रही थी। आरोप है कि घात लगाए बैठे एक युवक ने सुनसान रास्ते का फायदा उठाकर युवती को दबोच लिया और उसके साथ अश्लील हरकतें करते हुए दुष्कर्म की कोशिश की। युवती के शोर मचाने पर आरोपी वहां से भाग निकला। इस घटना ने विश्वविद्यालय के 'सेफ कैंपस' के दावों पर कड़ा प्रहार किया है।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी, जांच तेज
घटना की सूचना मिलते ही कल्याणपुर थाना पुलिस और विश्वविद्यालय के सुरक्षा अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर लिया है। बताया जा रहा है कि पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों की सूचना के आधार पर एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है, जिससे कड़ी पूछताछ की जा रही है। कानपुर पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध पर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाएगी और दोषी को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी।
यूनिवर्सिटी प्रशासन और सुरक्षा घेरे पर उठे सवाल
इस वारदात के बाद कानपुर यूनिवर्सिटी के छात्रों और शिक्षकों में भारी आक्रोश है। लोगों का सवाल है कि जिस कैंपस में बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश वर्जित या नियंत्रित होता है, वहां इस तरह की घटना कैसे संभव हुई? क्या कैंपस की लाइटें और सीसीटीवी कैमरे पर्याप्त नहीं हैं? शिक्षक संघ ने भी इस मुद्दे पर अपनी चिंता व्यक्त की है और कैंपस के भीतर गश्त बढ़ाने की मांग की है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सुरक्षा ऑडिट कराया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी अनहोनी को रोका जा सके।