योगी सरकार का ऑपरेशन क्लीन लखनऊ के 7 ब्लड बैंक सील, खून के काले कारोबार पर FSDA का बड़ा वार
News India Live, Digital Desk : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में खून के काले कारोबार और अवैध ब्लड बैंकों के खिलाफ योगी सरकार ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े रुख और सीधे निर्देश के बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की टीम ने लखनऊ के विभिन्न इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस हाई-प्रोफाइल 'ऑपरेशन' के दौरान मानकों की अनदेखी और गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर राजधानी के 7 ब्लड बैंकों को तत्काल प्रभाव से बंद (सील) कर दिया गया है। इस कार्रवाई से पूरे स्वास्थ्य महकमे और निजी अस्पतालों के संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।
7 ब्लड बैंक सील: मरीजों की जान से खिलवाड़ पर एक्शन
FSDA की टीम ने बुधवार को लखनऊ के विभूति खंड, गोमती नगर और दुबग्गा समेत कई इलाकों में संचालित निजी ब्लड बैंकों पर औचक छापा मारा। जांच के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए—कहीं लाइसेंस की मियाद खत्म हो चुकी थी, तो कहीं रक्त के भंडारण (Storage) के लिए तय तापमान का पालन नहीं किया जा रहा था। सबसे गंभीर बात यह रही कि कई केंद्रों पर बिना पेशेवर डॉक्टरों और टेक्नीशियन के ही खून निकालने और सप्लाई करने का काम धड़ल्ले से चल रहा था। प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए इन सभी 7 केंद्रों के लाइसेंस रद्द करने की संस्तुति कर दी है।
मुख्यमंत्री योगी के निर्देश: 'खून के सौदागरों' को नहीं बख्शेंगे
सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लंबे समय से राजधानी में अवैध ब्लड बैंकों और खून की कालाबाजारी की शिकायतें मिल रही थीं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और FSDA को स्पष्ट आदेश दिए थे कि आम जनता की जान से खिलवाड़ करने वाले 'खून के सौदागरों' के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाए। सीएम के सख्त तेवरों का ही असर है कि विभाग ने बिना किसी पूर्व सूचना के यह बड़ी रेड डाली। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान अभी थमा नहीं है, आने वाले दिनों में प्रदेश के अन्य बड़े शहरों जैसे कानपुर, वाराणसी और मेरठ में भी इसी तरह की कार्रवाई देखने को मिल सकती है।
राजधानी में अब लाइसेंस वाले केंद्रों पर ही मिलेगा रक्त
इस कार्रवाई के बाद लखनऊ के स्वास्थ्य विभाग ने जनता से अपील की है कि वे केवल अधिकृत और सरकारी मान्यता प्राप्त ब्लड बैंकों से ही रक्त लें। सील किए गए ब्लड बैंकों की सूची जल्द ही सार्वजनिक की जाएगी ताकि कोई मरीज भ्रमित न हो। FSDA आयुक्त ने बताया कि इन केंद्रों से जब्त किए गए खून के नमूनों को लैब भेजा गया है ताकि यह पता चल सके कि कहीं खून में मिलावट या संक्रमण तो नहीं था। अगर जांच में संक्रमण की पुष्टि होती है, तो संचालकों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाएगा।