लव जिहाद के बाद अब किन्नर जिहाद? जयपुर से आई खबर ने पुलिस और प्रशासन की नींद उड़ा दी
News India Live, Digital Desk: हम अक्सर खबरों में 'जिहाद' से जुड़े तरह-तरह के शब्द सुनते रहते हैं, लेकिन जयपुर में इस बार जो मुद्दा उठा है, वह बिल्कुल नया और चौंकाने वाला है। इसे नाम दिया गया है'किन्नर जिहाद'।
इस विवाद ने समाज के उस वर्ग को चर्चा में ला खड़ा किया है, जिनके आशीर्वाद को हम सब बहुत पवित्र मानते हैं। मामला किन्नरों (Transgenders) के बीच 'असली' और 'नकली' होने से जुड़ा है, लेकिन इसमें धर्म का एंगल आने से स्थिति तनावपूर्ण हो गई है।
आरोप क्या हैं? (असली vs नकली का खेल)
दरअसल, जयपुर के पुराने और सनातनी किन्नर समाज ने एक बहुत गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि दूसरे धर्म के कुछ युवक और पुरुष, जबरदस्ती या धोखे से अपना जेंडर बदलवाकर या फिर सिर्फ वेश बदलकर किन्नर बन रहे हैं।
इन पर आरोप है कि ये लोग:
- नाम बदलकर रहते हैं: ये अपनी असली धार्मिक पहचान छिपाते हैं और हिन्दू नामों से लोगों के घरों में जाकर बधाई मांगते हैं।
- कब्जा करने की कोशिश: सनातनी किन्नरों का कहना है कि ये बाहरी लोग उनके इलाक़ों (बधाई मांगने के क्षेत्र) पर कब्जा कर रहे हैं और उनकी प्राचीन परंपराओं को दूषित कर रहे हैं।
- धर्मांतरण का डर: सबसे बड़ा आरोप यह लगाया जा रहा है कि भोली-भाली किन्नरों को डरा-धमकाकर उनका धर्म बदला जा रहा है। इसी को लोगों ने 'किन्नर जिहाद' कहना शुरू कर दिया है।
पुलिस तक पहुंची बात
जयपुर पुलिस के लिए यह मामला सिरदर्द बन गया है। एक पक्ष (ग्रेटर कैलाश अखाड़ा और अन्य) सड़कों पर उतर आया है और प्रशासन से मांग कर रहा है कि इन "बहरूपियों" की जांच की जाए। उनका कहना है कि यह सिर्फ पैसों का मामला नहीं है, बल्कि एक गहरी साजिश है जिससे समाज का माहौल बिगड़ सकता है।
आम जनता को क्या समझना चाहिए?
जब भी हमारे घर कोई बच्चा पैदा होता है या शादी होती है, तो किन्नर दुआएं देने आते हैं। हम खुशी-खुशी उन्हें पैसे देते हैं। लेकिन इस विवाद ने हमें यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या आस्था और परम्परा की आड़ में कोई गलत खेल तो नहीं चल रहा?
यह मामला अब जांच का विषय है। पुलिस वेरीफिकेशन कर रही है कि कौन असली है और कौन वेश बदलकर समाज को ठग रहा है। लेकिन तब तक, जयपुर का माहौल इस बहस से गरमाया हुआ है। यह लड़ाई अब सिर्फ हक की नहीं, बल्कि 'पहचान' बचाने की हो गई है।