Zardari on India: भारत एक और युद्ध की तैयारी में राष्ट्रपति जरदारी का बड़ा दावा ऑपरेशन सिंदूर के बाद फिर क्यों बढ़ी तल्खी
News India Live, Digital Desk: मई 2025 में हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' (Operation Sindoor) के बाद से दोनों देशों के बीच रिश्ते बेहद नाजुक बने हुए हैं। राष्ट्रपति जरदारी ने सोमवार को संसद में कहा कि भारतीय नेता खुले तौर पर युद्ध की बात कर रहे हैं, जो क्षेत्रीय शांति के लिए खतरनाक है।
1. राष्ट्रपति जरदारी के संबोधन की मुख्य बातें
जरदारी ने विपक्ष के भारी शोर-शराबे और 'गो जरदारी गो' के नारों के बीच अपना भाषण पूरा किया:
बातचीत की अपील: उन्होंने कहा, "मेरा संदेश भारत के लिए है कि वह युद्ध के थिएटर से बाहर निकलकर सार्थक बातचीत की मेज पर बैठे। क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए यही एकमात्र रास्ता है।"
हाइड्रो-टेररिज्म (Hydro-Terrorism): जरदारी ने भारत द्वारा सिंधु जल संधि (IWT) को निलंबित करने या उसमें बदलाव करने के कदमों को 'हाइड्रो-टेररिज्म' करार दिया और आरोप लगाया कि भारत पानी को एक राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है।
कश्मीर का मुद्दा: उन्होंने दोहराया कि जब तक कश्मीर मुद्दा सुलझ नहीं जाता, दक्षिण एशिया में कोई भी सुरक्षित नहीं है।
2. 'ऑपरेशन सिंदूर' का संदर्भ (Context of Past Conflict)
राष्ट्रपति का यह डर पिछले साल के सैन्य घटनाक्रमों से जुड़ा है:
पहलगाम हमला: अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले (जिसमें 26 लोग मारे गए थे) के बाद भारत ने सख्त रुख अपनाया था।
सर्जिकल स्ट्राइक: 7 मई 2025 को भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और पीओके (PoJK) में आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले (Precision Strikes) किए थे।
** ceasefire:** चार दिनों के भीषण संघर्ष के बाद दोनों देश युद्धविराम पर सहमत हुए थे, लेकिन तनाव कम नहीं हुआ।
3. अफगानिस्तान और ईरान पर भी बोले जरदारी
जरदारी ने केवल भारत ही नहीं, बल्कि अन्य पड़ोसियों के साथ जारी विवादों पर भी बयान दिया:
अफगानिस्तान को चेतावनी: उन्होंने तालिबान सरकार से कहा कि वे अपनी धरती का इस्तेमाल पाकिस्तान के खिलाफ न होने दें। पाकिस्तान इस समय अफगानिस्तान के साथ 'खुले युद्ध' (Open War) जैसी स्थिति में है।
ईरान का समर्थन: उन्होंने ईरान के खिलाफ हो रही सैन्य कार्रवाइयों की निंदा की और अयातुल्ला खामेनेई की मौत पर शोक व्यक्त किया।
4. भारत की प्रतिक्रिया
फिलहाल जरदारी के इस 'युद्ध की तैयारी' वाले दावे पर भारत सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) पहले भी कह चुका है कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक विफलताओं और अफगानिस्तान के साथ जारी तनाव से ध्यान भटकाने के लिए भारत पर मनगढ़ंत आरोप लगाता रहता है।