US Emergency Alert : अभी के अभी देश छोड़ें मिडिल ईस्ट के 15 देशों के लिए अमेरिका की DEPART NOW चेतावनी, युद्ध के बीच मची अफरातफरी
News India Live, Digital Desk: 28 फरवरी को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की मौत और उसके बाद ईरान द्वारा खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए गए हमलों ने पूरे क्षेत्र को 'वॉर ज़ोन' में तब्दील कर दिया है। अमेरिका ने अपने नागरिकों को स्पष्ट संदेश दिया है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए केवल व्यावसायिक उड़ानों (Commercial Flights) पर भरोसा करें, क्योंकि सरकारी रेस्क्यू की गारंटी नहीं है।
1. इन 15 देशों के लिए जारी हुआ 'रेड अलर्ट'
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने निम्नलिखित देशों/क्षेत्रों में मौजूद अपने नागरिकों को तुरंत वहां से हटने का निर्देश दिया है:
| खाड़ी देश | लेवंत और उत्तर अफ्रीका | युद्धग्रस्त क्षेत्र |
|---|---|---|
| सऊदी अरब | जॉर्डन | इजरायल |
| संयुक्त अरब अमीरात (UAE) | लेबनान | ईरान |
| कतर | मिस्र (Egypt) | इराक |
| बहरीन | सीरिया | फिलिस्तीन (वेस्ट बैंक और गाजा) |
| कुवैत और ओमान | यमन | - |
2. 'DEPART NOW' का क्या मतलब है?
यह अमेरिका द्वारा जारी की जाने वाली सबसे गंभीर चेतावनी है:
व्यावसायिक साधनों का उपयोग: नागरिकों से कहा गया है कि जब तक फ्लाइट्स चल रही हैं, तुरंत टिकट बुक करें।
सीमित सरकारी सहायता: सरकार ने साफ किया है कि युद्ध की स्थिति में दूतावासों का कामकाज बंद हो सकता है और सैन्य निकासी (Military Evacuation) हमेशा संभव नहीं होती।
शेल्टर-इन-प्लेस: जो लोग नहीं निकल सकते, उन्हें सुरक्षित बंकरों या घरों में पर्याप्त भोजन और पानी के साथ छिपने (Shelter-in-place) की सलाह दी गई है।
3. दूतावासों से 'गैर-जरूरी' स्टाफ की छुट्टी
सिर्फ आम नागरिक ही नहीं, अमेरिका ने अपने राजनयिकों को भी हटाना शुरू कर दिया है:
जॉर्डन, बहरीन और इराक: इन देशों में अमेरिकी दूतावासों से 'नॉन-इमरजेंसी' स्टाफ और उनके परिवारों को देश छोड़ने का आदेश (Ordered Departure) दे दिया गया है।
अम्मान (जॉर्डन): सुरक्षा खतरों के चलते यहाँ दूतावास ने अपनी सेवाएं आंशिक रूप से निलंबित कर दी हैं।
4. युद्ध की ताजा स्थिति और अमेरिका का स्टैंड
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्पष्ट किया है कि ईरान के खिलाफ अभियान लंबा चल सकता है:
अगला चरण 'भयानक': मार्को रुबियो ने चेतावनी दी है कि ईरान पर "अभी सबसे कड़ा प्रहार होना बाकी है"।
CENTCOM की पुष्टि: अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की है कि अब तक इस संघर्ष में 6 अमेरिकी सैनिक मारे जा चुके हैं।
ईरान का पलटवार: ईरान ने जवाबी कार्रवाई में बहरीन, कुवैत और कतर में अमेरिकी ठिकानों की ओर ड्रोन और मिसाइलें दागी हैं।