AI War : ट्रंप ने किया बैन, फिर भी US सेना ने ईरान हमलों में किया Claude AI का इस्तेमाल पेंटागन और व्हाइट हाउस में ठनी

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News India Live, Digital Desk : यह मामला आधुनिक युद्ध में एआई की गहरी पैठ और राजनीतिक फैसलों के बीच के टकराव को दर्शाता है। जहाँ राष्ट्रपति ट्रंप ने एंथ्रोपिक को "वामपंथी" और "खतरनाक" बताते हुए उस पर प्रतिबंध लगाया, वहीं सैन्य अधिकारियों का मानना है कि इस तकनीक को रातों-रात हटाना असंभव है।

1. क्या है पूरा विवाद? (The Conflict)

विवाद की जड़ एंथ्रोपिक के सीईओ डेरियो अमोदेई (Dario Amodei) और पेंटागन के बीच हुई अनुबंध वार्ता (Contract Negotiations) है:

एंथ्रोपिक की शर्तें: कंपनी ने अपने 'Constitutional AI' सिद्धांतों का हवाला देते हुए क्लाउड (Claude) को सामूहिक घरेलू निगरानी (Mass Surveillance) या पूरी तरह से स्वायत्त घातक हथियारों (Autonomous Weapons) के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया।

ट्रंप का गुस्सा: राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे "राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ विश्वासघात" करार दिया। उन्होंने एंथ्रोपिक को 'सप्लाई चेन रिस्क' घोषित करते हुए सभी सरकारी एजेंसियों को इसका इस्तेमाल तुरंत बंद करने का आदेश दिया।

2. बैन के बावजूद ईरान हमले में इस्तेमाल?

वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप के प्रतिबंध आदेश के कुछ ही घंटों बाद:

सेंट्रल कमांड (CENTCOM): अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने ईरान के खिलाफ 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के दौरान क्लाउड एआई का उपयोग किया।

उपयोग के क्षेत्र: एआई का इस्तेमाल खुफिया जानकारी के विश्लेषण (Intelligence Assessment), लक्ष्यों की पहचान (Target Identification) और युद्ध के दृश्यों के सिमुलेशन (Battlefield Simulation) के लिए किया गया।

वजह: सैन्य विशेषज्ञों का कहना है कि क्लाउड वर्तमान में एकमात्र ऐसा उन्नत एआई मॉडल है जो वर्गीकृत (Classified) सैन्य नेटवर्क में पूरी तरह से एकीकृत है। इसे हटाने में कम से कम 6 महीने का समय लगेगा।

3. 'ऑपरेशन सिंदूर' और वेनेजुएला कनेक्शन

रिपोर्ट्स में यह भी खुलासा हुआ है कि एंथ्रोपिक के एआई का इस्तेमाल पहले भी बड़े ऑपरेशनों में हो चुका है:

वेनेजुएला: जनवरी 2026 में निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के दौरान भी क्लाउड ने डेटा विश्लेषण में मदद की थी।

भारत-पाक तनाव: पिछले साल भारत और पाकिस्तान के बीच हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भी अमेरिकी खुफिया तंत्र ने इसी तकनीक का सहारा लिया था।

4. OpenAI की एंट्री (The Pivot to OpenAI)

एंथ्रोपिक के बाहर होते ही सैम ऑल्टमैन की कंपनी OpenAI ने बाजी मार ली है:

नया समझौता: OpenAI ने पेंटागन के साथ एक नया करार किया है, जिसके तहत वह बिना किसी 'प्रतिबंध' के अपने मॉडल (जैसे GPT-4o) सेना को उपलब्ध कराएगी।

सुरक्षा प्रोटोकॉल: ऑल्टमैन ने कहा है कि वे कानून के दायरे में रहकर सेना की हर जरूरत को पूरा करेंगे, जिससे ट्रंप प्रशासन काफी खुश है।

5. एंथ्रोपिक का पक्ष

एंथ्रोपिक ने ट्रंप सरकार के फैसले को 'कानूनी रूप से दोषपूर्ण' बताया है और अदालत में चुनौती देने की बात कही है। कंपनी का कहना है कि वे अमेरिकी सैनिकों के साथ हैं, लेकिन वे एआई को 'किलर रोबोट' बनाने की अनुमति नहीं दे सकते।