हड्डियों को लोहे जैसा मजबूत बनाना है? इस ठंड में तिल खाने का यह सही तरीका बदल देगा आपकी सेहत
News India Live, Digital Desk: सर्दी का मौसम अपने साथ कई बीमारियां लेकर आता है, जिसमें जोड़ों का दर्द और सुस्ती सबसे ऊपर हैं। ऐसे में कुदरत ने हमें 'तिल' के रूप में एक बहुत ही कीमती तोहफा दिया है। तिल में इतना कैल्शियम होता है कि यह दूध को भी टक्कर दे सकता है। लेकिन इसे कैसे खाएं कि शरीर को इसका 'मैक्सिमम' फायदा मिले?
सही तरीका: कच्चा या भुना हुआ?
ज्यादातर लोग कच्चा तिल खाने लगते हैं, जो पचाने में थोड़ा भारी हो सकता है। तिल को खाने का सबसे बेहतरीन तरीका है इसे 'हल्का भून' (Lightly Roast) लेना। भूनने से इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और तेल एक्टिव हो जाते हैं। अगर आप इसे भिगोकर (Soak) सुबह चबाकर खाते हैं, तो यह आपकी पाचन शक्ति और हड्डियों के लिए सोने पर सुहागा साबित होगा।
सेहत के लिए 'तिल' क्यों है वरदान?
- जोड़ों का दर्द और हड्डियां: तिल में कैल्शियम के साथ-साथ फास्फोरस और मैग्नीशियम भी भरपूर होता है। अगर आपको सर्दियों में घुटनों या कमर में दर्द रहता है, तो तिल के लड्डू या इसके तेल का सेवन आपको कुदरती राहत दे सकता है।
- दिल का ख्याल: इसमें 'सेसमिन' और 'सेसमोलिन' जैसे तत्व होते हैं जो कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल में रखने में मदद करते हैं। यानी स्वाद के साथ-साथ आपके दिल की धड़कन भी सलामत रहती है।
- बाल और त्वचा की चमक: अगर आपके बाल झड़ रहे हैं या स्किन बेजान लग रही है, तो तिल का सेवन आपके शरीर को वो 'हल्दी फैट्स' देता है जो पार्लर के महंगे ट्रीटमेंट से कहीं बेहतर हैं।
- पेट की सफारी (Fiber): तिल में अच्छी मात्रा में फाइबर होता है, जो कब्ज जैसी पुरानी समस्याओं में किसी कुदरती दवा की तरह काम करता है।
सावधानी भी है ज़रूरी
तिल की तासीर (Property) गर्म होती है, इसलिए इसे 'मॉडरेशन' यानी सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए। सर्दियों में दिन भर में 1-2 चम्मच तिल काफी होते हैं। अगर आप प्रेग्नेंट हैं या आपको एलर्जी की समस्या है, तो एक बार डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर रहेगा।
अंत में बस इतना कहूंगा कि अपनी भागदौड़ भरी लाइफ में उन छोटी-छोटी देसी चीज़ों को फिर से जगह दीजिये, जो हमारे बुजुर्गों की लंबी और सेहतमंद उम्र का राज हुआ करती थीं। तिल खाना आज ही शुरू करें और अपनी सेहत में बदलाव महसूस करें।