AMU में फिर एक सुसाइड पिता के सामने ही बिटिया ने लगा ली फांसी, आखिर अलीगढ़ यूनिवर्सिटी में क्या चल रहा है?
News India Live, Digital Desk : अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) की पहचान पूरी दुनिया में है, लेकिन सोमवार को यहाँ के हॉस्टल के कमरे से एक ऐसी चीख निकली जो सरहदों के पार उसके घर तक पहुँच गई। खबर मिली है कि मुजफ्फरनगर की रहने वाली एक 19 वर्षीय छात्रा, जो एएमयू में पढ़ाई कर रही थी, उसने खुदकुशी (Suicide) कर ली। लेकिन इस पूरी घटना का सबसे दर्दनाक हिस्सा वह वीडियो कॉल है, जिस पर वह उस वक्त अपने पिता से बात कर रही थी।
आँखों के सामने उजड़ गई दुनिया
तारीफ यह नहीं कि मौत हुई, त्रासदी यह है कि कैसे हुई। बताया जा रहा है कि छात्रा फरीहा (बदला हुआ नाम/संदर्भ) अपने पिता के साथ वीडियो कॉल पर जुड़ी थी। बातचीत के दौरान ही वह अचानक भावुक हुई और उसने कैमरा ऑन रखते हुए ही पंखे से फंदा लगा लिया। पिता स्क्रीन की दूसरी ओर से चीखते-चिल्लाते रहे, गुहार लगाते रहे कि रुक जाओ, लेकिन वह नहीं मानी। आप सोचिए उस पिता पर क्या गुजरी होगी जिसने अपनी आँखों से अपनी औलाद को खत्म होते देखा।
हॉस्टल में मची खलबली
पिता ने फ़ौरन अलीगढ़ में मौजूद कुछ जानकारों और हॉस्टल प्रशासन को खबर दी। जब तक लोग कमरा तोड़कर अंदर पहुँचे, तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था। छात्रा को आनन-फानन में जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज (JNMC) ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। फरीहा अलीगढ़ में बी.टेक या ग्रेजुएट कोर्स की छात्रा बताई जा रही है, जो पिछले कुछ समय से शायद किसी मानसिक दबाव में थी।
क्या है आत्महत्या की वजह?
पुलिस ने फ़िलहाल मोबाइल को कब्ज़े में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। क्या यह पढ़ाई का दबाव था? या फिर घर में कोई ऐसी बात थी जो उसे अंदर ही अंदर खा रही थी? फिलहाल कुछ भी साफ़ नहीं है। यूनिवर्सिटी प्रशासन और छात्रों के बीच मातम का माहौल है। अक्सर अलीगढ़ जैसे बड़े संस्थानों में बढ़ते दबाव और तनाव की चर्चा होती रही है, लेकिन वीडियो कॉल पर हुआ यह हादसा किसी फिल्मी विभीषिका से भी बढ़कर है।
मेरी एक छोटी सी सलाह (एक संदेश के रूप में):
एक समाज के तौर पर हमें यह सोचना होगा कि हमारी नई पीढ़ी इतनी कच्ची क्यों होती जा रही है? हम अपने बच्चों को बड़ी डिग्रियां तो दिलाना चाहते हैं, लेकिन उन्हें फेल होना या मुश्किलों का सामना करना नहीं सिखाते। अगर आपके मन में कभी ऐसे विचार आएं या कोई करीबी उदास दिखे, तो प्लीज बात कीजिये। ज़िंदगी एक डिग्री या एक लड़ाई से बहुत बड़ी है।
फरीहा के परिवार के लिए हमारी गहरी संवेदनाएं हैं।