भू-माफ़ियाओं के खिलाफ योगी का वार ,जब गरीब की ज़मीन बन जाए सरकार की प्राथमिकता

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News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में ज़मीन से जुड़े विवाद और दबंगों द्वारा कब्ज़ा करना एक पुरानी बीमारी रही है। अक्सर देखा गया है कि सालों-साल लोग दफ्तरों के चक्कर काटते रह जाते हैं, लेकिन उन्हें उनकी अपनी ज़मीन वापस नहीं मिलती। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसी समस्या की जड़ पर प्रहार करने के लिए प्रशासन को नया और बेहद कड़ा अल्टीमेटम दे दिया है।

साफ चेतावनी: किसी भी रसूख को किनारे रखें
योगी आदित्यनाथ ने हालिया हाई-लेवल मीटिंग में अधिकारियों को साफ लहजे में कह दिया है कि अगर किसी भू-माफ़िया ने किसी सरकारी या प्राइवेट ज़मीन पर अवैध कब्जा किया है, तो उस पर तुरंत एक्शन हो। उनका स्पष्ट विज़न है कि कानून सबके लिए बराबर है। अपराधी चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो या किसी भी दल का समर्थन उसे हासिल हो, अगर ज़मीन अवैध तरीके से कब्जाई गई है, तो वह मुक्त होकर रहेगी।

अधिकारियों की भी अब खैर नहीं
इस बार मुख्यमंत्री का निशाना सिर्फ अपराधी ही नहीं, बल्कि वो लापरवाह अधिकारी भी हैं जो शिकायतों को दबा कर बैठ जाते हैं। योगी जी ने साफ़ कर दिया है कि अगर किसी ज़मीन विवाद का समाधान समय पर नहीं हुआ या किसी अधिकारी की भू-माफियाओं के साथ साठगांठ पाई गई, तो गाज पहले उन अधिकारियों पर गिरेगी। इससे शासन में 'जवाबदेही' तय होगी, जिससे आम आदमी को अपनी फरियाद लेकर भटकना नहीं पड़ेगा।

गरीबों और असहायों का ध्यान सबसे पहले
मुख्यमंत्री का यह अभियान सिर्फ बुलडोज़र चलाने के बारे में नहीं है, बल्कि 'इंसाफ' दिलाने के बारे में है। उनका आदेश है कि कार्रवाई के दौरान यह पक्का किया जाए कि किसी निर्दोष या गरीब व्यक्ति को परेशानी न हो। अक्सर भू-माफिया कमजोर लोगों की संपत्तियों पर निगाह गड़ाए रहते हैं। ऐसे में सरकार ने भरोसा दिलाया है कि वह इन पीड़ितों के साथ ढाल बनकर खड़ी है।

एंटी-लैंड माफ़िया पोर्टल और सीधी कार्यवाही
सरकार अब तकनीक और डेटा का भी इस्तेमाल कर रही है ताकि हर ज़िले के टॉप भू-माफियाओं की लिस्ट तैयार की जा सके। यह सिर्फ़ एक अस्थायी रेड नहीं है, बल्कि योगी सरकार इसे "संपूर्ण सफाई" अभियान के तौर पर देख रही है। अवैध तरीके से बनाई गई इमारतों पर सिर्फ बुलडोज़र नहीं चलेगा, बल्कि उन कब्जों को मुक्त कराकर वहां सार्वजनिक कल्याण के काम (जैसे स्कूल या अस्पताल) किए जाएंगे।