Yoga for Flexibility: शरीर की अकड़न और जोड़ों के दर्द से हैं परेशान? रोज़ बस 15 मिनट करें ये 12 योगासन, शरीर हो जाएगा लचीला और फुर्तीला
नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और घंटों डेस्क पर बैठकर काम करने वाली 'सेडेंटरी लाइफस्टाइल' (Sedentary Lifestyle) ने हमारे शरीर को समय से पहले बूढ़ा बना दिया है। सुबह सोकर उठने पर पीठ में अकड़न, गर्दन में खिंचाव और दिन खत्म होते-होते मांसपेशियों में दर्द अब एक आम समस्या बन गई है। अगर आप भी शरीर की इस 'स्टिफनेस' (Stiffness) से परेशान हैं, तो आपको जिम में घंटों पसीना बहाने की जरूरत नहीं है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि सॉफ्ट और जेंटल योग (Gentle Yoga) के कुछ आसान अभ्यास आपके शरीर को फिर से ऊर्जावान और लचीला बना सकते हैं।
क्यों जरूरी है जेंटल योग? शरीर पर कैसे करता है असर?
जेंटल योग का मतलब शरीर को जबरदस्ती स्ट्रेच करना नहीं, बल्कि सांसों के तालमेल के साथ मांसपेशियों को धीरे-धीरे ढीला छोड़ना है। जब हम लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठे रहते हैं, तो हमारे कूल्हों, कंधों और निचली पीठ में तनाव जमा हो जाता है।
बेहतर रक्त संचार: योग के धीमे मूवमेंट से जोड़ों और मांसपेशियों तक ऑक्सीजन का प्रवाह बढ़ता है।
चोट का कम खतरा: यह आपकी मांसपेशियों को बिना किसी खिंचाव या चोट के लचीला बनाता है।
मुद्रा (Posture) में सुधार: नियमित अभ्यास से झुककर बैठने की आदत छूटती है और रीढ़ की हड्डी सीधी होती है।
ये 12 योगासन जो बदल देंगे आपकी बॉडी: देखें चार्ट
इन आसनों को आप घर पर कहीं भी, कभी भी कर सकते हैं। बस 10 से 15 मिनट का समय आपके शरीर को 'रिफ्रेश' कर देगा।
| योगासन (Yoga Pose) | मुख्य लाभ (Main Benefit) | निर्धारित समय (Time) |
|---|---|---|
| कैट-काऊ पोज | रीढ़ की हड्डी का लचीलापन बढ़ाता है | 1–2 मिनट |
| चाइल्ड पोज | पीठ के निचले हिस्से और कूल्हों को आराम देता है | 1–2 मिनट |
| सीटेड फॉरवर्ड बेंड | पैरों की मांसपेशियों (Hamstrings) को खोलता है | 30–60 सेकंड |
| स्टैंडिंग साइड स्ट्रेच | फेफड़ों को खोलता है और पोस्चर सुधारता है | 30 सेकंड (हर तरफ) |
| डाउनवर्ड डॉग | पूरे शरीर को स्ट्रेच और मजबूत करता है | 1 मिनट |
| बटरफ्लाई पोज | कूल्हों (Hips) का भारीपन दूर करता है | 30–60 सेकंड |
| लो लंजेस | पैरों के खिंचाव और तनाव को कम करता है | 30 सेकंड (हर तरफ) |
| कोबरा पोज | छाती को खोलता है और पीठ मजबूत करता है | 20–30 सेकंड |
| सुपाइन ट्विस्ट | कमर दर्द से तुरंत राहत दिलाता है | 30 सेकंड (हर तरफ) |
| लेग्स अप द वॉल | पैरों की थकान मिटाता है और ब्लड फ्लो सुधारता है | 1–2 मिनट |
| नेक स्ट्रेच | गर्दन और कंधों की अकड़न खत्म करता है | 20–30 सेकंड (हर तरफ) |
| हैप्पी बेबी पोज | हिप्स और रीढ़ को पूरी तरह रिलैक्स करता है | 1 मिनट |
कैसे काम करता है यह रूटीन?
यह पूरा रूटीन शरीर के हर हिस्से पर काम करता है। जहाँ कैट-काऊ और सुपाइन ट्विस्ट आपकी रीढ़ को लचीला बनाते हैं, वहीं बटरफ्लाई और लो लंजेस उन कूल्हों की मांसपेशियों को खोलते हैं जो दिन भर बैठने के कारण जाम हो जाती हैं। कोबरा पोज उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो कंप्यूटर के आगे झुककर बैठते हैं, क्योंकि यह छाती को खोलकर कंधों को पीछे की ओर खींचता है।
अभ्यास को प्रभावी बनाने के लिए एक्सपर्ट टिप्स
सांसों पर ध्यान दें: शरीर को फैलाते समय सांस अंदर लें और स्ट्रेच करते समय बाहर छोड़ें।
जबरदस्ती न करें: योग में दर्द नहीं, बल्कि मीठा खिंचाव महसूस होना चाहिए। अगर दर्द हो, तो तुरंत रुक जाएं।
सहायता लें: अगर झुकने में दिक्कत हो, तो तकिए, कुशन या योग ब्लॉक का इस्तेमाल करें।
नियमितता: हफ्ते में एक दिन लंबा वर्कआउट करने से बेहतर है कि रोज 15 मिनट योग करें।
कुछ हफ्तों में दिखेंगे ये बदलाव
अगर आप इसे ईमानदारी से करते हैं, तो 2 से 3 हफ्ते में ही आपको महसूस होगा कि झुकना, मुड़ना या भारी सामान उठाना पहले से आसान हो गया है। इससे न केवल शरीर की जकड़न खत्म होती है, बल्कि रात को नींद भी बेहतर आती है क्योंकि सोते समय आपकी मांसपेशियां पूरी तरह रिलैक्स होती हैं।