7th & 8th Pay Commission 2026: केंद्रीय कर्मचारियों की चमकेगी किस्मत! सैलरी में 34% बढ़ोतरी और पेंशन पर बड़ा अपडेट; जानें क्या है सरकार का प्लान
नई दिल्ली। साल 2026 की शुरुआत के साथ ही देश के एक करोड़ से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की नजरें सरकारी खजाने पर टिकी हैं। चर्चाएं तेज हैं कि सरकार 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) के कार्यकाल खत्म होने के बाद अब 8वें वेतन आयोग की दिशा में बड़े कदम उठाने जा रही है। सोशल मीडिया और गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा 34 प्रतिशत वेतन वृद्धि और पेंशनभोगियों को मिलने वाली बड़ी राहत की हो रही है। हालांकि अभी आधिकारिक मुहर लगनी बाकी है, लेकिन उम्मीदों का बाजार गर्म है।
34% सैलरी हाइक का क्या है गणित?
वेतन वृद्धि की खबरों के पीछे सबसे बड़ा कारण 'फिटमेंट फैक्टर' (Fitment Factor) में होने वाला संभावित बदलाव है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाती है, तो बेसिक पे (Basic Pay) में जबरदस्त उछाल आएगा। रिपोर्ट्स के अनुसार, कर्मचारियों की सैलरी में 30 से 34 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी संभव है। इससे न केवल मासिक वेतन बढ़ेगा, बल्कि मिड-लेवल के कर्मचारियों की बचत करने की क्षमता भी मजबूत होगी।
पेंशनभोगियों के लिए 'खुशखबरी' का इंतजार
पेंशनर्स के लिए भी 2026 राहत भरा साबित हो सकता है। नए वेतनमान के लागू होने पर न केवल सक्रिय कर्मचारियों की सैलरी बढ़ती है, बल्कि पुराने पेंशनभोगियों की पेंशन का भी पुनर्गठन (Restructuring) किया जाता है। खासकर पुरानी पेंशन योजना (OPS) के दायरे में आने वाले रिटायर्ड कर्मचारियों को महंगाई राहत (DR) और मूल पेंशन में वृद्धि से बढ़ती कीमतों के बोझ से राहत मिलने की उम्मीद है।
फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) पर टिकी सबकी नजर
फिटमेंट फैक्टर वह गुणांक (Multiplier) है जो पुरानी बेसिक सैलरी को नई सैलरी स्ट्रक्चर में बदलता है। 7वें वेतन आयोग में यह 2.57 था, जिसे कर्मचारी यूनियन बढ़ाकर 2.86 या उससे अधिक करने की मांग कर रहे हैं। यदि सरकार इस मांग को मान लेती है, तो न्यूनतम वेतन में ऐतिहासिक वृद्धि देखने को मिल सकती है। उदाहरण के तौर पर, ₹18,000 की न्यूनतम सैलरी सीधे ₹26,000 या उससे पार जा सकती है।
DA और महंगाई का असर: क्या होगा नया बदलाव?
जनवरी 2026 की समीक्षा में महंगाई भत्ता (DA) 60 प्रतिशत के आंकड़े को छू सकता है। चर्चा यह भी है कि सरकार महंगाई भत्ते को मूल वेतन (Basic Pay) में विलय (Merge) कर सकती है, जिससे भत्तों की गणना नए सिरे से होगी। यदि ऐसा होता है, तो कर्मचारियों के हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और अन्य भत्तों में भी स्वतः ही इजाफा हो जाएगा।
बजट और राज्यों पर पड़ेगा सीधा प्रभाव
केंद्रीय स्तर पर होने वाला कोई भी बड़ा बदलाव राज्यों के खजाने पर भी असर डालता है। आमतौर पर केंद्र की घोषणा के कुछ महीनों बाद राज्य सरकारें भी अपने कर्मचारियों के लिए समान लाभों का ऐलान करती हैं। हालांकि, सरकार के लिए चुनौती राजकोषीय घाटे और कर्मचारी कल्याण के बीच संतुलन बनाने की होगी, क्योंकि इतनी बड़ी वेतन वृद्धि के लिए भारी बजट आवंटन की आवश्यकता होगी।
सावधानी: आधिकारिक पुष्टि का करें इंतजार
इन तमाम अटकलों और चर्चाओं के बीच, कर्मचारियों को सलाह दी गई है कि वे केवल वित्त मंत्रालय और सरकार द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचनाओं (Official Notifications) पर ही भरोसा करें। 8वें वेतन आयोग के गठन और सिफारिशों के लागू होने की प्रक्रिया में समय लग सकता है। फिलहाल, कर्मचारियों के बीच 'सावधान उम्मीद' (Cautious Optimism) का माहौल बना हुआ है।