UPI Transaction Rules 2026: क्या ₹2000 से ऊपर के पेमेंट पर कटेगा पैसा? जानें सोशल मीडिया पर वायरल दावे का सच और RBI के नए नियम

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नई दिल्ली। अगर आप भी चाय की टपरी से लेकर मॉल तक हर जगह यूपीआई (UPI) से पेमेंट करते हैं, तो यह खबर आपके काम की है। पिछले कुछ दिनों से इंटरनेट और व्हाट्सएप पर एक संदेश तेजी से फैल रहा है कि 2026 में ₹2000 से ज्यादा के यूपीआई ट्रांजैक्शन पर नए चार्ज लगने शुरू हो गए हैं। इस खबर ने आम यूजर्स के बीच खलबली मचा दी है। लेकिन क्या वाकई आपकी जेब पर इसका असर पड़ेगा? आइए, 'अमर उजाला' की इस विशेष रिपोर्ट में जानते हैं कि 2026 के असली नियम क्या हैं और आपको किन बातों का ध्यान रखना है।

आम यूजर्स के लिए बड़ी राहत: बैंक-टू-बैंक ट्रांसफर अब भी बिल्कुल मुफ्त

सबसे पहले यह जान लीजिए कि अगर आप अपने बैंक अकाउंट से जुड़े UPI ऐप (जैसे Google Pay, PhonePe या Paytm) के जरिए किसी मित्र, रिश्तेदार या दुकानदार को पैसे भेजते हैं, तो आपको कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं देना होगा। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने साफ किया है कि सामान्य बैंक-टू-बैंक ट्रांजैक्शन 2026 में भी पूरी तरह मुफ्त रहेंगे। सोशल मीडिया पर फैल रही चार्ज की खबरें केवल एक खास तरह के ट्रांजैक्शन के लिए हैं, जिसे 'वॉलेट पेमेंट' कहा जाता है।

₹2000 वाला नियम क्या है? किसे देना होगा पैसा?

2026 के नियमों के अनुसार, चार्ज केवल PPI (Prepaid Payment Instruments) यानी डिजिटल वॉलेट (जैसे पेटीएम वॉलेट, मोबिक्विक) के जरिए किए गए मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर लागू हैं। यदि आप अपने वॉलेट में पैसा लोड करके किसी बड़े दुकानदार (Merchant) को ₹2,000 से अधिक का भुगतान करते हैं, तो उस पर 0.5% से 1.1% तक का इंटरचेंज शुल्क लगता है।

जरूरी बात: यह चार्ज ग्राहक (Customer) को नहीं, बल्कि दुकानदार (Merchant) को उस कंपनी को देना होता है जिसका क्यूआर कोड वह इस्तेमाल कर रहा है। इसलिए ग्राहकों को डरने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।

UPI लिमिट में बड़ा बदलाव: अब ₹10 लाख तक कर सकेंगे पेमेंट

2026 में UPI को और अधिक शक्तिशाली बनाने के लिए NPCI ने ट्रांजैक्शन लिमिट में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की है।

सामान्य पेमेंट: इसकी लिमिट ₹1 लाख प्रति दिन बनी हुई है।

खास कैटेगरी: शिक्षा (Education), स्वास्थ्य (Healthcare), टैक्स भुगतान (Tax), और बीमा (Insurance) के लिए अब आप एक बार में ₹5 लाख तक का भुगतान कर सकते हैं।

वेरिफाइड संस्थाएं: कुछ विशेष क्षेत्रों में अब दैनिक सीमा को बढ़ाकर ₹10 लाख तक कर दिया गया है, ताकि बड़े बिजनेस ट्रांजैक्शन भी UPI से आसानी से हो सकें।

सुरक्षा के लिए 2-फैक्टर ऑथेंटिकेशन और बायोमेट्रिक्स

डिजिटल फ्रॉड को रोकने के लिए अप्रैल 2026 से सुरक्षा के नियम और कड़े हो रहे हैं। अब केवल UPI PIN ही काफी नहीं होगा। बड़े या 'असामान्य' ट्रांजैक्शन के लिए बायोमेट्रिक्स (फिंगरप्रिंट या फेस आईडी) की आवश्यकता पड़ सकती है। साथ ही, अब आप दिन में अधिकतम 50 बार ही बैलेंस चेक कर पाएंगे। अगर इससे ज्यादा बार बैलेंस चेक किया गया, तो ऐप 24 घंटे के लिए लॉक हो सकता है। यह कदम बैंकिंग सर्वर पर बोझ कम करने के लिए उठाया गया है।

बंद हो सकती है आपकी UPI ID?

यदि आपने अपनी कोई UPI ID पिछले 1 साल से इस्तेमाल नहीं की है, तो 2026 के नए नियमों के तहत बैंक उसे डिएक्टिवेट (Deactivate) कर सकते हैं। यह उन लोगों के लिए सुरक्षा का एक तरीका है जो अपना मोबाइल नंबर बदल लेते हैं लेकिन पुरानी UPI ID को बंद करना भूल जाते हैं। इसलिए अपनी एक्टिव आईडी से समय-समय पर छोटे-मोटे ट्रांजैक्शन करते रहें।