Winter Plant Care: कड़ाके की ठंड में मुरझाने लगी है 'तुलसी' और 'मनी प्लांट'? इन 3 आसान टिप्स से फिर खिल उठेंगे आपके पौधे
लाइफस्टाइल डेस्क। सर्दियों का सितम केवल इंसानों पर ही नहीं, बल्कि घर के आंगन में लगे पौधों पर भी साफ दिखाई देता है। कड़ाके की ठंड, पाला और धूप की कमी के कारण अक्सर मनी प्लांट (Money Plant) और तुलसी (Tulsi) जैसे पवित्र व सजावटी पौधे सूखने या मुरझाने लगते हैं। तुलसी जहां धार्मिक और औषधीय दृष्टि से महत्वपूर्ण है, वहीं मनी प्लांट घर की सुंदरता और वायु शुद्धता बढ़ाता है। यदि आपके घर के ये पौधे भी बेजान हो रहे हैं, तो घबराएं नहीं। बागवानी विशेषज्ञों के कुछ आसान नुस्खे अपनाकर आप कड़ाके की सर्दी में भी इन्हें हरा-भरा और स्वस्थ रख सकते हैं।
धूप का सही प्रबंधन: तुलसी के लिए सीधी रोशनी है संजीवनी
सर्दियों में सूरज की रोशनी कम और धुंधली होती है, जो पौधों की 'प्रकाश संश्लेषण' प्रक्रिया को बाधित करती है।
तुलसी: इसे हर रोज कम से कम 3-4 घंटे की सीधी और तेज धूप की जरूरत होती है। यदि संभव हो, तो गमले को ऐसी जगह रखें जहां सुबह की पहली किरण पहुंचती हो।
मनी प्लांट: इसे सीधी तेज धूप के बजाय हल्की या छनकर आने वाली रोशनी (Partial Shade) में रखें।
सावधानी: रात के समय इन पौधों को खुले आसमान के नीचे न छोड़ें, क्योंकि ओस और पाला इन्हें रातों-रात सुखा सकता है। रात में इन्हें किसी शेड या कपड़े से ढंकना बेहतर होता है।
पानी देने का तरीका बदलें: नमी और अधिक पानी में है बारीक अंतर
सर्दियों में पौधों को गर्मियों की तुलना में बहुत कम पानी की आवश्यकता होती है। अधिक पानी देने से जड़ों में फंगस लग सकती है और पौधा मर सकता है।
मनी प्लांट: इसमें तभी पानी डालें जब गमले की ऊपरी मिट्टी पूरी तरह सूखी नजर आए। उंगली से मिट्टी को दबाकर देखें, यदि वह गीली है तो पानी न दें।
तुलसी: तुलसी की मिट्टी में हल्का छिड़काव करते रहें ताकि नमी बनी रहे, लेकिन जलभराव (Waterlogging) बिल्कुल न होने दें।
प्रो टिप: हमेशा सुबह के समय ही पानी डालें। शाम या रात को पानी देने से मिट्टी रात भर ठंडी रहती है, जिससे जड़े 'कोल्ड शॉक' का शिकार हो सकती हैं।
मिट्टी की गुड़ाई और खाद: पोषक तत्वों से भरें नई जान
सर्दियों में मिट्टी अक्सर सख्त और भारी हो जाती है, जिससे जड़ों तक ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती।
गुड़ाई: महीने में कम से कम दो बार खुरपी से मिट्टी की हल्की गुड़ाई जरूर करें। इससे जड़ों तक हवा पहुंचती है।
खाद का चयन: पौधों की ग्रोथ के लिए समय-समय पर जैविक खाद या वर्मी कंपोस्ट का प्रयोग करें। तुलसी के लिए गोबर की सूखी खाद सबसे अच्छी मानी जाती है।
मिट्टी का ड्रेनेज: ध्यान रखें कि गमले के नीचे का छेद खुला हो ताकि अतिरिक्त पानी बाहर निकल सके। गीली और ठंडी मिट्टी सर्दियों में पौधों की सबसे बड़ी दुश्मन है।