झारखंड के किसानों के लिए क्या सच में सोने वाला साल होगा 2026? बजट में सिंचाई और तकनीक पर है फोकस

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News India Live, Digital Desk: झारखंड के किसानों की बात हो, तो अक्सर मन में सुखाड़, मेहनत और सिर्फ एक फसल (धान) की तस्वीर उभरती है। हमारे राज्य के किसान भाई सालों से सिर्फ बारिश के भरोसे खेती करते आए हैं, लेकिन साल 2026 का आने वाला बजट इस तस्वीर को बदलने की पूरी कोशिश कर रहा है। सरकार इस बार कुछ ऐसी योजनाएं ला रही है, जिनका मकसद खेती को मज़दूरी नहीं, बल्कि मुनाफे का सौदा बनाना है।

पानी की टेंशन होगी कम: सिंचाई का मास्टर प्लान
झारखंड की ऊबड़-खाबड़ जमीन पर सबसे बड़ी दिक्कत पानी की ही रही है। बजट 2026 में सरकार का सबसे बड़ा जोर माइक्रो-इरिगेशन (बूंद-बूंद सिंचाई) और सोलर लिफ्ट सिंचाई पर है। योजना यह है कि उन खेतों तक भी पानी पहुँचाया जाए, जहाँ नदियाँ नहीं पहुँच सकतीं। इसके लिए पुराने तालाबों के गहरीकरण और छोटे-छोटे चेकडैम बनाने के लिए एक मोटी राशि का इंतज़ाम किया गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब हमारे किसान भाई रबी की फसलों (जैसे गेहूं, दलहन) में भी बढ़-चढ़कर हाथ आजमा सकेंगे।

खेती के साथ-साथ पशुपालन का सहारा
सिर्फ धान और मक्का उगाने से कमाई बढ़ाना थोड़ा मुश्किल है। इसीलिए सरकार अब पशुपालन (Livestock Development) और दुग्ध उत्पादन (Dairy Farming) को कृषि बजट का एक अहम हिस्सा बना रही है। गांवों में गौपालन, बकरी पालन और मुर्गी पालन को छोटे बिज़नेस के तौर पर बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी बढ़ाई जा सकती है। अगर खेती में मौसम ने दगा दे दिया, तो ये पशुपालक भाइयों की आय का एक मज़बूत बैकअप बनेंगे।

हाथ में मोबाइल और खेतों में डिजिटल फार्मिंग
क्या आपने कभी सोचा है कि आप घर बैठे अपने फोन से जान जाएं कि आपकी मिट्टी को किस खाद की ज़रूरत है या शहर के बाज़ार में आपकी फसल का सही भाव क्या है? बजट 2026 में डिजिटल फार्मिंग पर खास काम होने जा रहा है। सरकार नए किसान पोर्टल और ऐप्स के ज़रिये बीज, खाद और सरकारी योजनाओं की सीधी जानकारी हर किसान के मोबाइल तक पहुँचाने की तैयारी में है। बिचौलियों का खेल खत्म करने के लिए 'डिजिटल मण्डियों' का दायरा भी बढ़ाया जा सकता है।

क्यों है यह बजट खास?
पिछले कई सालों की कमियों को देखते हुए, इस बार ज़मीनी स्तर की मुश्किलों को पकड़ने की कोशिश की गई है। किसानों को खाद की सही समय पर उपलब्धता और आसान लोन की सुविधा देने पर चर्चा तेज़ है। कुल मिलाकर कहें तो 2026 का लक्ष्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं है, बल्कि किसान के हाथ में साफ़ मुनाफा (Income) पहुँचाना है।

खेती किसानी में भरोसा और तकनीक का मेल ही वो रास्ता है जिससे झारखंड का गांव समृद्ध बनेगा। अगर ये योजनाएं सही तरीके से ज़मीन पर उतरीं, तो आने वाला साल खेती की तस्वीर बदलने वाला साबित हो सकता है।