डायबिटीज के मरीजों के लिए खिड़की से आती रोशनी क्यों है वरदान? इस नई रिसर्च को इग्नोर न करें

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News India Live, Digital Desk: आज के समय में हममें से ज्यादातर लोग अपना दिन ऑफिस के कमरों या बंद दीवारों के बीच गुजार देते हैं। दिन भर कंप्यूटर की नीली रोशनी और रात में मोबाइल का स्क्रीन शायद हम भूल ही गए हैं कि बाहर की ताज़ा धूप हमारे शरीर के लिए कितनी ज़रूरी है। डायबिटीज जैसी बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए हाल ही में आई एक स्टडी में एक ऐसी जानकारी सामने आई है जो बिना किसी खर्चे के उनकी सेहत सुधारने में बड़ी भूमिका निभा सकती है।

खिड़की से आती धूप दवा से कम नहीं!
डायबिटीज को लेकर हुई ताज़ा रिसर्च का कहना है कि अगर आप टाइप-2 मधुमेह के मरीज हैं, तो 'नेचुरल लाइट' यानी प्राकृतिक रोशनी आपके ब्लड शुगर लेवल को मैनेज करने में कमाल का असर दिखा सकती है। वैज्ञानिकों ने पाया कि जब हमारा शरीर कुदरती रोशनी के संपर्क में आता है, तो हमारा 'बायोलॉजिकल क्लॉक' (सर्कैडियन रिदम) सही ढंग से काम करने लगता है। यही वो बॉडी क्लॉक है जो हमारी भूख, नींद और सबसे ज़रूरी, हमारी मेटाबॉलिज्म की रफ्तार को तय करता है।

ये कैसे काम करता है?
सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन हमारी कोशिकाएं (Cells) रोशनी के प्रति काफी संवेदनशील होती हैं। दिन में भरपूर सूरज की रोशनी मिलने से इंसुलिन बनाने और उसका सही उपयोग करने की क्षमता बढ़ जाती है। जो लोग दिन का काफी समय प्राकृतिक रोशनी में बिताते हैं, उनका सुबह के वक्त शुगर लेवल उन लोगों की तुलना में ज्यादा संतुलित रहता है जो पूरा दिन अंधेरे या बनावटी लाइट में गुजारते हैं।

सिर्फ दिन की धूप ही नहीं, रात का अंधेरा भी ज़रूरी है
इस स्टडी का एक दूसरा पहलू और भी दिलचस्प है। शोधकर्ता बताते हैं कि दिन में जितनी ज्यादा प्राकृतिक रोशनी ज़रूरी है, रात में उतना ही गहरा अंधेरा ज़रूरी है। रात में गैजेट्स से निकलने वाली ब्लू लाइट हमारे शुगर मेटाबॉलिज्म को बिगाड़ सकती है। इसका सीधा मतलब ये है कि कुदरत के साथ तालमेल बिठाना अब केवल एक सलाह नहीं, बल्कि डायबिटीज मैनेजमेंट की एक बड़ी जरूरत बन चुका है।

आप क्या कर सकते हैं?
शुगर कंट्रोल करने के लिए आपको बहुत बड़े बदलाव करने की ज़रूरत नहीं है, बस इन छोटी बातों का ख्याल रखें:

  1. मॉर्निंग वॉक की आदत डालें: सुबह की पहली धूप न केवल विटामिन-D देगी, बल्कि शुगर को भी नियंत्रित करने में मदद करेगी।
  2. डेस्क का चुनाव सही करें: अगर आप घर या ऑफिस से काम करते हैं, तो कोशिश करें कि आपकी डेस्क खिड़की के पास हो।
  3. पर्दे हटा दीजिये: दिन के समय कमरे के पर्दों को खोलकर रखें ताकि ताज़ा उजाला घर में आ सके।