मुंबई की राजनीति में बड़ा नाम कौन हैं तेजस्वी घोसालकर, जो बन सकती हैं शहर की अगली प्रथम नागरिक?

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News India Live, Digital Desk : मुंबई यानी 'मायानगरी', यहाँ की हवाओं में जितनी रफ़्तार है, उतनी ही हलचल यहाँ की राजनीति में भी रहती है। आने वाले बीएमसी (BMC) चुनावों को लेकर तैयारी ज़ोरों पर है, लेकिन इन सबके बीच एक महिला नेता की चर्चा तेज़ हो गई है वह नाम है तेजस्वी घोसालकर

अगर आप मुंबई की राजनीति को फॉलो करते हैं, तो आपने घोसालकर परिवार का नाम ज़रूर सुना होगा। तेजस्वी कोई नया चेहरा नहीं हैं, लेकिन जिस तरह से उनका कद बढ़ा है, लोग अब दबी ज़ुबान में पूछने लगे हैं "क्या मुंबई की अगली मेयर तेजस्वी ही होंगी?" चलिए, बहुत सहज अंदाज़ में समझते हैं कि इस नाम के पीछे की असली कहानी क्या है।

कौन हैं तेजस्वी घोसालकर?
तेजस्वी घोसालकर का नाता दहिसर और बोरीवली के इलाकों से बहुत पुराना है। वे घोसालकर परिवार की बहू हैं। उनके ससुर विनोद घोसालकर मुंबई की राजनीति के दिग्गज खिलाड़ी रहे हैं। लेकिन तेजस्वी ने अपनी पहचान सिर्फ़ एक 'बहू' के रूप में नहीं, बल्कि एक सजग और काम करने वाली महिला नगरसेवक (Corporator) के रूप में बनाई है। स्थानीय लोग उन्हें उनके मिलनसार स्वभाव और समस्याओं को हल करने की उनकी क्षमता के लिए जानते हैं।

दहिसर का भरोसा और चुनावी गणित
बीएमसी के चुनाव केवल वोटों की गिनती नहीं होते, यहाँ वॉर्ड की समझ और जनता से सीधा जुड़ाव बहुत ज़रूरी है। तेजस्वी घोसालकर ने दहिसर इलाके में जिस तरह का काम किया है, उसका नतीजा यह है कि आज उनका नाम मेयर जैसे बड़े पद की रेस में सबसे आगे चल रहा है। चाहे सड़कों का मुद्दा हो, साफ़-सफाई या महिलाओं की सुरक्षा, उन्होंने हमेशा अपनी आवाज़ बुलंद की है।

क्या भाजपा उन पर दांव लगाएगी?
भाजपा के लिए मुंबई मेयर का पद हासिल करना एक बड़ी प्रतिष्ठा का सवाल है। पार्टी चाहती है कि इस बार चेहरा ऐसा हो जो नया हो, साफ छवि का हो और जिसमें लोगों को जोड़ने की ताकत हो। तेजस्वी घोसालकर इन सब मापदंडों पर खरी उतरती नज़र आ रही हैं। वे न केवल स्थानीय मराठी वोटरों के बीच लोकप्रिय हैं, बल्कि मध्यम वर्ग और युवाओं से भी जुड़ना बखूबी जानती हैं।

राजनीति का रास्ता काँटों भरा है!
मेयर की कुर्सी तक पहुँचना इतना आसान भी नहीं होगा। मुंबई की सियासत में पल-पल में गठबंधन और समीकरण बदलते हैं। विपक्ष भी तेजस्वी के खिलाफ कोई मज़बूत चेहरा ज़रूर उतारेगा। लेकिन फिलहाल तो मुंबई के सियासी गलियारों में सुगबुगाहट यही है कि अगर घोसालकर दहिसर से बड़ी जीत हासिल करती हैं, तो वे मेयर की कुर्सी के बेहद नज़दीक पहुँच सकती हैं।

मेरी राय
तेजस्वी घोसालकर का मेयर की रेस में होना यह भी दर्शाता है कि अब मुंबई की राजनीति में महिला नेतृत्व को बड़े पद देने की तैयारी चल रही है। किसी बड़े परिवार की विरासत को संभालते हुए खुद की स्वतंत्र पहचान बनाना काबिले तारीफ है।

आप इस बारे में क्या सोचते हैं? क्या आपको लगता है कि तेजस्वी घोसालकर मेयर बनकर मुंबई की तस्वीर बदल पाएंगी? हमें अपनी राय कमेंट्स में ज़रूर बताएं!